धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी नहीं थमा आंदोलन, अभिजीत दीपके ने रख दी नई मांग
Abhijeet Deepke: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने जंतर-मंतर पर चल रहे अपने आंदोलन को खत्म करने से इनकार कर दिया है। पार्टी प्रमुख अभिजीत दीपके ने मंत्री के इस्तीफे को “कॉकरोच और लोकतंत्र की जीत” बताया, लेकिन साफ कहा कि उनकी बाकी मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
मंच से जैसे ही अभिजीत दीपके ने आंदोलनकारियों को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की जानकारी दी, वहां मौजूद लोग खुशी से झूम उठे। दीपके ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी मांग पूरी हो गई है, लेकिन आंदोलन अभी समाप्त नहीं होगा।
मुआवजा, केस वापसी और नई मांग
अभिजीत दीपके ने बताया कि सरकार को पहले तीन मांगें लिखित रूप में दी गई थीं। इनमें धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा और आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग शामिल थी। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने बाकी दो मांगों पर एक दिन पहले सैद्धांतिक सहमति भी जताई थी।
इस बीच दीपके ने मंच से एक नई मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि 20 तारीख को छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
अभिजीत दीपके ने अपने संबोधन में डीसीपी संदीप लांबा, एसीपी अजय शर्मा और सचिन शर्मा का नाम लेते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा, “20 तारीख को छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इस देश के छात्रों ने बहुत हिम्मत दिखाई है।”
सरकार पर निशाना साधते हुए दीपके ने कहा, “लोग कहते थे कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन हम कहते हैं कि झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।” उन्होंने दोहराया कि सभी लंबित मांगें पूरी होने तक जंतर-मंतर का आंदोलन जारी रहेगा।

