श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद में सुलह की कोशिश फिर फेल, मुस्लिम पक्ष की गैरहाजिरी से वार्ता विफल

Shri Krishna Janmabhoomi-Shahi Eidgah Dispute: श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही मस्जिद ईदगाह विवाद में समझौते की कोशिशों को एक बार फिर झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मथुरा के सुलह समझौता केंद्र में मंगलवार को होने वाली दूसरी बैठक मुस्लिम पक्ष के उपस्थित न होने के कारण आगे नहीं बढ़ सकी।

मुस्लिम पक्ष की गैरहाजिरी के बाद कोर्ट ने पत्रावली पर सुनवाई स्थगित कर दी। अब इस मामले में अगली महत्वपूर्ण सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 21, 22 और 23 अगस्त को होगी।

श्रीकृष्ण जन्मभूमि (Shri Krishna Janmabhoomi) मुक्ति न्यास के अध्यक्ष और हिंदू पक्ष के अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मंगलवार को सुलह केंद्र में दोनों पक्षों के बीच दूसरी बैठक होनी थी, लेकिन मुस्लिम पक्ष इसमें शामिल नहीं हुआ। इससे पहले 7 अगस्त को हुई पहली वार्ता भी किसी नतीजे तक नहीं पहुंच सकी थी।

महेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, पहले हिंदू पक्ष की ओर से मस्जिद हटाने के बदले मुस्लिम पक्ष को किसी दूसरी जगह जमीन देने का प्रस्ताव रखा गया था। हालांकि, अब हिंदू पक्ष ने यह प्रस्ताव वापस ले लिया है।

उन्होंने कहा कि विवादित पूरी जमीन श्रीकृष्ण जन्मभूमि की है, इसलिए अब मस्जिद के बदले किसी दूसरी जगह जमीन देने की पेशकश नहीं की जाएगी।

मेवात में जमीन और मस्जिद निर्माण का प्रस्ताव भी दिया था

एक अन्य हिंदू पक्षकार दिनेश फलाहरी ने मुस्लिम पक्ष की गैरहाजिरी पर सवाल उठाया। उनका दावा है कि विवादित स्थल से जुड़े ठोस दस्तावेज मुस्लिम पक्ष के पास नहीं हैं और इसी वजह से वह कोर्ट की कार्यवाही और समझौता वार्ता से बच रहा है।

दिनेश फलाहरी ने बताया कि मुस्लिम पक्ष को मेवात में जमीन देने के साथ नई मस्जिद के निर्माण का पूरा खर्च उठाने का प्रस्ताव भी दिया गया था। हालांकि, अब सुलह की कोशिशें आगे नहीं बढ़ सकीं।

ऐसे में श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद (Shri Krishna Janmabhoomi-Shahi Eidgah Dispute) का मामला एक बार फिर अदालत की ओर बढ़ गया है। अब सभी की नजरें 21, 22 और 23 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर हैं।

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