कॉकरोच टिप्पणी पर CJI सूर्यकांत का यू-टर्न? कहा- ‘मैंने कब यूथ को कॉकरोच कहा, मैं तो सम्मान करता हूं’
CJI Suryakant on CJP: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन और ‘कॉकरोच’ टिप्पणी को लेकर जारी विवाद के बीच भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने पहली बार विस्तार से अपनी बात रखी है। उन्होंने साफ किया कि उनकी टिप्पणी देश के युवाओं के लिए नहीं थी। उन्होंने कहा कि वह युवाओं का सम्मान करते हैं और उनकी बात का गलत अर्थ निकाला गया।
द इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में CJI सूर्यकांत ने कहा कि उनकी टिप्पणी केवल उन लोगों के लिए थी, जिन्होंने फर्जी कानून (लॉ) की डिग्री के आधार पर वकालत के पेशे में प्रवेश किया है। उनका कहना था कि अदालत में चर्चा फर्जी डिग्री के जरिए वकालत में आए लोगों पर कार्रवाई और न्यायिक व्यवस्था को साफ-सुथरा बनाने को लेकर हो रही थी।
‘फर्जी डिग्री वालों के संदर्भ में कही थी बात’
CJI सूर्यकांत ने कहा कि फेक लॉ डिग्री का मुद्दा सबसे पहले बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने उठाया था। उसी संदर्भ में उन्होंने टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल उन लोगों की ओर इशारा करना था, जो गलत तरीके से वकालत के पेशे में आए हैं, न कि देश के युवाओं का अपमान करना।
उन्होंने कहा कि उनके बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया, जिससे गलतफहमी पैदा हुई।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि जब भी वे देश के अलग-अलग हिस्सों में जाते हैं तो बड़ी संख्या में युवा उनसे मिलते हैं और उन्हें प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं से ही उन्हें ऊर्जा और ताकत मिलती है।
उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि यदि युवाओं की कोई शिकायत या संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा कोई मुद्दा है, तो सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे हमेशा उनके लिए खुले हैं। कानून और संविधान के दायरे में रहते हुए हर नागरिक को न्याय मिलेगा।
कैसे शुरू हुआ था विवाद?
15 मई को सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने फर्जी लॉ डिग्री के मुद्दे पर टिप्पणी की थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर उनके बयान को युवाओं से जोड़कर वायरल किया गया। इसी विवाद के बाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) नाम से एक संगठन सामने आया और इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।
बाद में CJI ने यह भी कहा था कि उनके बयान को गलत तरीके से उद्धृत किया गया है। अब उन्होंने दोबारा स्पष्ट करते हुए कहा है कि उनकी टिप्पणी का संबंध केवल फर्जी डिग्री लेकर वकालत करने वालों से था, न कि पूरे युवा वर्ग से।
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