दिल्ली सरकार ने जारी किया ‘EV पॉलिसी 2026’ का ड्राफ्ट, जानें कितनी मिलेगी सब्सिडी
Sandesh Wahak Digital Desk: दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी ‘दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2026-2030’ का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। इस नई नीति का मुख्य आधार स्वच्छ हवा और नागरिकों के ‘जीवन के अधिकार’ (अनुच्छेद 21) को सुरक्षित करना है।
रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस से पूरी मुक्ति
इस पॉलिसी की सबसे बड़ी घोषणा यह है कि दिल्ली में रजिस्टर होने वाले सभी इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 100% की छूट मिलेगी। हालांकि, 30 लाख रुपये से अधिक कीमत वाली लग्जरी इलेक्ट्रिक कारों को इस छूट के दायरे से बाहर रखा गया है। वहीं, स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारों को टैक्स में 50% की राहत दी जाएगी।
सीधे बैंक खाते में आएगी सब्सिडी (DBT)
सरकार ने ईवी खरीदारों को सीधे आर्थिक मदद देने का खाका तैयार किया है।
दोपहिया वाहन: पहले साल ₹10,000 प्रति किलोवाट (अधिकतम ₹30,000) तक की सब्सिडी।
ई-ऑटो: पहले साल ₹50,000 की वित्तीय सहायता।
इलेक्ट्रिक ट्रक (N1): पहले साल ₹1 लाख तक का भारी लाभ।
स्क्रैपिंग इंसेंटिव: पुरानी पेट्रोल-डीजल गाड़ी (BS-IV या कम) स्क्रैप करने पर ₹10,000 से लेकर ₹1 लाख तक का अतिरिक्त बोनस।
पेट्रोल-डीजल वाहनों पर ‘फुल स्टॉप’ की तैयारी
सरकार ने इलेक्ट्रिक भविष्य की ओर कदम बढ़ाते हुए सख्त समय सीमा तय की है।
1 जनवरी 2027 से: केवल इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स का ही रजिस्ट्रेशन होगा।
1 अप्रैल 2028 से: दोपहिया वाहनों का नया रजिस्ट्रेशन केवल इलेक्ट्रिक वेरिएंट में होगा।
स्कूल बसें: 2030 तक 30% स्कूल बसों को इलेक्ट्रिक करना अनिवार्य होगा।
डिलीवरी कंपनियां: 2026 के बाद फ्लीट कंपनियों को नए पेट्रोल-डीजल वाहन शामिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
चार्जिंग का टेंशन खत्म: हर शोरूम पर होगा चार्जिंग पॉइंट
बैटरी और चार्जिंग की चिंता दूर करने के लिए दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड (DTL) को नोडल एजेंसी बनाया गया है। अब हर वाहन निर्माता कंपनी को अपनी हर डीलरशिप पर कम से कम एक पब्लिक चार्जिंग स्टेशन लगाना अनिवार्य होगा। साथ ही, बैटरी की ट्रैकिंग और रीसाइक्लिंग के लिए एक सुरक्षित सिस्टम भी विकसित किया जाएगा।
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