क्या आप भी खाली पेट खाते हैं लीची, रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा, हो सकता है भारी नुकसान
Health Tips: गर्मियों के मौसम में बाजार में मिलने वाली लाल और रसीली लीची लोगों की पसंदीदा फलों में शामिल होती है। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ विटामिन C, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है। लेकिन विशेषज्ञों और कई रिसर्च रिपोर्टों के अनुसार, खाली पेट लीची खाना कुछ लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। खासकर बच्चों में इसका असर गंभीर रूप ले सकता है।
The Lancet Global Health में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार लीची में हाइपोग्लाइसिन-A (Hypoglycin-A) और मेथिलीन साइक्लोप्रोपाइल ग्लाइसिन (MCPG) नाम के दो टॉक्सिक कम्पाउंड पाए जाते हैं। ये शरीर में फैटी एसिड के ऑक्सीडेशन की प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं, जिससे ब्लड शुगर का स्तर अचानक बहुत नीचे जा सकता है।
इस स्थिति को हाइपोग्लाइसेमिया कहा जाता है। ब्लड शुगर की गंभीर कमी दिमाग पर असर डाल सकती है और दौरे, बेहोशी तथा जान का खतरा भी पैदा कर सकती है। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में गर्मियों के दौरान बच्चों में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) के मामलों को लेकर भी कई शोधों में लीची से जुड़े इन तत्वों का उल्लेख किया गया है।

किन लोगों को सबसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत
NCBI की रिसर्च के अनुसार 1 से 10 वर्ष तक के बच्चे, खासकर कुपोषित बच्चे, सबसे ज्यादा जोखिम में रहते हैं। यदि बच्चा रात का भोजन नहीं करता और सुबह खाली पेट लीची खा लेता है, तो शरीर में ग्लूकोज बनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। वहीं डायबिटीज के मरीज, कुपोषित व्यक्ति या पहले से ब्लड शुगर की समस्या वाले वयस्कों को भी सावधानी बरतनी चाहिए।

लीची खाते समय रखें इन बातों का ध्यान
विशेषज्ञों के अनुसार लीची हमेशा भोजन के बाद खानी चाहिए। बच्चों को 6-7 और बड़ों को 11-12 से अधिक लीची नहीं खानी चाहिए। अधिक मात्रा में सेवन करने से लूज मोशन और एसिडिटी की समस्या हो सकती है। केवल अच्छी तरह पकी हुई लीची का सेवन करें और खाने से पहले कुछ घंटों तक पानी में रखना भी लाभदायक माना जाता है।
यदि लीची खाने के बाद तेज बुखार, उल्टी, पेट दर्द, अत्यधिक कमजोरी, दौरे, बेहोशी या सांस लेने में परेशानी हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि लीची नुकसानदेह फल नहीं है, लेकिन इसे सही मात्रा और सही तरीके से खाना बेहद जरूरी है।

