US-Iran Deal: ट्रंप के 5 बड़े वादे! होर्मुज स्ट्रेट से सैनिकों की वापसी तक, जानिए समझौते में क्या-क्या है शामिल?

US-Iran Deal: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव के बीच एक संभावित डील को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच जारी टकराव को खत्म करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है और जल्द ही एक औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। हालांकि ईरान की ओर से अभी तक किसी अंतिम सहमति की पुष्टि नहीं की गई है।

रिपोर्टों के अनुसार, दोनों देशों के वार्ताकारों ने एक समझौता ज्ञापन (MoU) का मसौदा तैयार किया है, जो भविष्य में व्यापक समझौते की नींव बन सकता है। इस प्रस्तावित डील (US-Iran Deal) का उद्देश्य क्षेत्रीय तनाव कम करना, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर करना और आगे की कूटनीतिक बातचीत का रास्ता खोलना है।

1. होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलेगा ईरान

प्रस्तावित समझौते का सबसे अहम बिंदु होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) है। मसौदे के अनुसार ईरान 30 दिनों के भीतर इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को पूरी तरह खोल देगा और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करेगा। इससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर बने दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है।

2. अमेरिका देगा आर्थिक प्रतिबंधों में राहत

US-Iran Deal के तहत अमेरिका ईरान पर लगाए गए कुछ प्रमुख आर्थिक प्रतिबंधों में चरणबद्ध ढील देने पर विचार कर सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक तेल निर्यात से जुड़े प्रतिबंधों को कम करना भी प्रस्ताव का हिस्सा है। इससे ईरान की अर्थव्यवस्था को बड़ी राहत मिल सकती है, जो लंबे समय से प्रतिबंधों के दबाव में है।

3. 60 दिनों के लिए बढ़ सकता है युद्धविराम

मसौदे में मौजूदा युद्धविराम व्यवस्था को 60 दिन और बढ़ाने का प्रस्ताव भी शामिल है। इस दौरान दोनों देश व्यापक और स्थायी समझौते की दिशा में बातचीत जारी रखेंगे। इससे क्षेत्र में तत्काल सैन्य तनाव कम होने की उम्मीद है।

4. परमाणु हथियार नहीं बनाने का आश्वासन देगा ईरान

प्रस्तावित डील में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं। ईरान परमाणु हथियार विकसित नहीं करने की प्रतिबद्धता जताएगा और संवर्धित यूरेनियम भंडार के भविष्य को लेकर आगे की बातचीत के लिए तैयार होगा। यह मुद्दा वर्षों से अमेरिका-ईरान संबंधों में सबसे बड़ा विवाद रहा है।

5. ईरान के आसपास से अमेरिकी सैन्य मौजूदगी घटाने पर चर्चा

समझौते में सबसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों में से एक ईरान के आसपास के क्षेत्रों से अमेरिकी सैनिकों और सैन्य उपकरणों की चरणबद्ध वापसी का है। यदि इस पर सहमति बनती है तो यह क्षेत्रीय रणनीति में बड़ा बदलाव माना जाएगा और ईरान की लंबे समय से चली आ रही मांग को आंशिक रूप से पूरा करेगा।

अभी अंतिम नहीं हुई है डील

हालांकि यह समझौता अभी प्रारंभिक मसौदे के स्तर पर है और इसे अंतिम शांति समझौता नहीं माना जा सकता। दोनों देशों की आधिकारिक सहमति और हस्ताक्षर के बाद ही US-Iran Deal की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल दुनिया की नजर इस संभावित समझौते पर टिकी हुई है, क्योंकि इसका असर वैश्विक तेल बाजार, पश्चिम एशिया की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पड़ सकता है।

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