अवैध हिरासत केस में SHO समेत 6 पुलिसकर्मियों पर FIR, कोर्ट ने रिकॉर्ड में पकड़ी गड़बड़ी
Shahjahanpur News: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) ज्योति अग्रवाल की अदालत ने सदर बाजार थाने के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक समेत छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। मामला पूर्व सैनिक सत्यवीर सिंह को कथित रूप से अवैध हिरासत में रखने और बाद में फर्जी गिरफ्तारी दिखाने से जुड़ा है।
अदालत ने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) को निर्देश दिया है कि विवेचना सदर बाजार थाने के बजाय किसी अन्य थाना क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी से कराई जाए।
याचिका में क्या लगाए गए आरोप
यह मामला चिनौर निवासी बीना कुमारी की याचिका पर आधारित है। याचिका के अनुसार, 14 मार्च 2026 को बरेली एसओजी में तैनात सिपाही दिलीप सिंह और उनके भाई संदीप सिंह पुरानी रंजिश के चलते उनके घर पहुंचे और गाली-गलौज, मारपीट तथा महिलाओं से छेड़छाड़ की। इसके कुछ देर बाद दो पुलिसकर्मी कथित तौर पर सत्यवीर सिंह को जबरन सदर बाजार थाने ले गए।
याचिका में दावा किया गया कि सत्यवीर सिंह को करीब छह घंटे तक थाने में अवैध रूप से रखा गया। बाद में उनके खिलाफ दूसरे मामले में एफआईआर दर्ज की गई और अगले दिन 15 मार्च को कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर चिनौर तिराहे के पास से गिरफ्तारी दिखाई गई।
कोर्ट ने रिकॉर्ड में बताई कई विसंगतियां
सुनवाई के दौरान अदालत ने 14 और 15 मार्च 2026 की जनरल डायरी (GD) और अन्य रिकॉर्ड की जांच की। आदेश में कहा गया कि जांच रिपोर्ट के अनुसार सत्यवीर सिंह को 14 मार्च सुबह 9:37 बजे थाने लाया गया था, लेकिन जीडी में इसकी कोई प्रविष्टि नहीं मिली। अदालत ने महिला उपनिरीक्षक साक्षी चौधरी, उपनिरीक्षक रणजीत बहादुर सिंह और आरक्षी मनीष कुमार की ड्यूटी संबंधी रिकॉर्ड में भी विरोधाभास दर्ज किया।
CJM ने कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड से प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि पूर्व सैनिक को अवैध रूप से थाने में रखा गया और बाद में झूठे अभिलेख तैयार कर गिरफ्तारी दर्शाई गई। अधिवक्ता प्रियम चौहान ने कहा कि उन्होंने सीसीटीवी रिकॉर्डिंग की अवधि को लेकर 15 दिन और 25 दिन के विरोधाभास का मुद्दा भी उठाया, जिसकी शिकायत उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय तक भेजी गई है।

