CWC 2026: पोलियो, गरीबी और संघर्ष… फिर भी नहीं रुके झंडू कुमार, देश को दिलाया पहला मेडल

CWC 2026: भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स के दूसरे दिन अपना पहला पदक जीत लिया। पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार (Jhandu Kumar) ने पुरुषों के हैवीवेट वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश का मेडल खाता खोला। लेकिन इस मेडल से ज्यादा चर्चा उनकी उस संघर्ष भरी कहानी की हो रही है, जिसने उन्हें गरीबी, पोलियो और आर्थिक तंगी से निकालकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया।

28 वर्षीय झंडू कुमार ने प्रतियोगिता में 181 किलोग्राम और 190 किलोग्राम का सफल लिफ्ट लगाकर 130.9 अंक हासिल किए। तीसरे प्रयास में उन्होंने 196 किलोग्राम उठाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। इसके बावजूद उनका प्रदर्शन ब्रॉन्ज मेडल जीतने के लिए पर्याप्त रहा। भारत के ही सुधीर 114.1 अंकों के साथ छठे स्थान पर रहे। नाइजीरिया के इदरीस रिलुवान ने गोल्ड और मैथ्यू हार्डिंग ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया।

सब्जी बेची, ई-रिक्शा चलाया… फिर बना चैंपियन

बिहार में जन्मे झंडू कुमार का सफर बेहद कठिन रहा। बचपन में उन्होंने परिवार की मदद के लिए सब्जियां बेचीं और बाद में ई-रिक्शा भी चलाया। आर्थिक तंगी इतनी थी कि 2023 में राष्ट्रीय चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए उन्हें अपना ऑटो-रिक्शा तक बेचना पड़ा।

शुरुआत में झंडू पैरा एथलेटिक्स में शॉट पुट और डिस्कस थ्रो खेलते थे, जहां उन्होंने जिला और राज्य स्तर पर कई पदक जीते। बाद में कोच की सलाह पर उन्होंने 2022 में पैरा पावरलिफ्टिंग अपनाई और पहले ही टूर्नामेंट में कोलकाता में सिल्वर मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

लगातार रिकॉर्ड तोड़ते हुए पहुंचे कॉमनवेल्थ पोडियम

साल 2025 झंडू कुमार के करियर का सबसे यादगार साल रहा। उन्होंने पुरुषों की 72 किलोग्राम श्रेणी में 205 किलोग्राम वजन उठाकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा, फिर कुछ ही दिनों बाद खेलो इंडिया पैरा गेम्स में 206 किलोग्राम उठाकर अपना ही रिकॉर्ड बेहतर कर दिया।

इसके बाद उन्होंने वर्ल्ड पैरा पावरलिफ्टिंग वर्ल्ड कप और एशिया-ओशिनिया ओपन चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीते, जबकि वर्ल्ड चैंपियनशिप में टॉप-6 में जगह बनाई। अब कॉमनवेल्थ गेम्स (CWC 2026) का ब्रॉन्ज मेडल उनके संघर्ष और मेहनत की सबसे बड़ी पहचान बन गया है।

दूसरे भारतीय खिलाड़ी भी रहे एक्शन में

CWC 2026 में पुरुषों के लाइटवेट पैरा पावरलिफ्टिंग मुकाबले में भारत के अशोक मलिक पोडियम से मामूली अंतर से चूक गए और चौथे स्थान पर रहे।

वहीं पैरा स्विमिंग में कार्तिक बुदिगिना पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल S13 फाइनल में चौथे स्थान पर रहे। उन्होंने 57.57 सेकंड का समय निकाला और मेडल से बेहद करीब रह गए। उनके साथी इमाम अली सातवें स्थान पर रहे। S13 वर्ग दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए निर्धारित श्रेणी है।

Also Read: NEET आंदोलन पर पहली बार बोले सचिन तेंदुलकर, सरकार और समाज से की ये अपील

Get real time updates directly on you device, subscribe now.