Kushinagar News: कीटनाशी विक्रेताओं के लिए ‘डेडलाइन’ जारी, 15 अप्रैल तक पोर्टल पर करा लें पंजीकरण

Sandesh Wahak Digital Desk: जनपद कुशीनगर के समस्त कीटनाशी विक्रेताओं और विनिर्माताओं के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना अब अनिवार्य कर दिया गया है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ. मेनका ने स्पष्ट किया है कि जिन विक्रेताओं ने निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पंजीकरण पूर्ण नहीं किया, उनके विरुद्ध कीटनाशी अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

15 अप्रैल तक का समय: वरना लाइसेंस होगा सस्पेंड

अपर कृषि निदेशक, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के क्रम में जनपद के सभी कीटनाशी विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि वे 15 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से अपना ऑनलाइन पंजीकरण करा लें।

यदि इस तिथि तक पंजीकरण नहीं होता है, तो कीटनाशी अधिनियम, 1968 एवं नियमावली, 1971 के तहत संबंधित फर्म का ‘कीटनाशी प्राधिकार पत्र’ तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया जाएगा। निलंबन के बाद भी यदि अगले 9 दिनों के भीतर प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो लाइसेंस को स्थायी रूप से निरस्त कर दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्वयं विक्रेता की होगी।

पंजीकरण की आसान प्रक्रिया

विक्रेताओं की सुविधा के लिए पंजीकरण के चरण भी स्पष्ट किए गए हैं।

पोर्टल के होम पेज पर जाकर संबंधित विकल्प पर क्लिक करें।

‘नया रजिस्ट्रेशन’ विकल्प का चयन कर अपनी फर्म का विस्तृत विवरण भरें।

विवरण पूर्ण होने पर आपकी आईडी (ID) जनरेट हो जाएगी।

इस आईडी का सत्यापन/अनुमोदन जिला कृषि अधिकारी द्वारा किया जाएगा।

प्रशासन की अपील: कार्रवाई से बचें

जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने सभी विक्रेताओं से अपील की है कि वे अंतिम समय की भीड़ और तकनीकी समस्याओं से बचने के लिए जल्द से जल्द अपना पंजीकरण पूर्ण करें। इस डिजिटल पहल का उद्देश्य कीटनाशकों की बिक्री में पारदर्शिता लाना और किसानों को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद सुनिश्चित कराना है।

रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल

 

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