धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर मायावती की प्रतिक्रिया, बोलीं- पहले ही ले लिया जाता तो बेहतर होता
Mayawati: नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया मंच एक्स पर उन्होंने कहा कि यदि धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया है, तो यह उचित फैसला है। उन्होंने यह भी कहा कि यह कदम पहले ही उठा लिया जाता तो ज्यादा बेहतर होता।
पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
मायावती ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने मांग की कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे निहत्थे छात्र-छात्राओं पर लाठीचार्ज करने और कथित रूप से गंभीर चोट पहुंचाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
बसपा प्रमुख ने विशेष रूप से उन पुरुष पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग की, जिन पर प्रदर्शनकारी छात्राओं के साथ कथित अभद्र व्यवहार और बल प्रयोग के आरोप लगे हैं। उनका कहना था कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होने से भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी।
-देश के छात्रों व युवाओं केे आन्दोलन के चलते आज केन्द्रीय शिक्षा मन्त्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान द्वारा इस्तीफा दिये जाने का फैसला उचित, जो यह पहले ही ले लिया जाता तो बेहतर होता। साथ ही, हमारी पार्टी केन्द्र सरकार से यह भी अपेक्षा करती है कि जिन पुलिसकर्मियों ने जन्तर-मन्तर पर…
— Mayawati (@Mayawati) July 25, 2026
एफआईआर वापस लेने की भी मांग
मायावती ने सरकार से आंदोलन में शामिल छात्रों और युवाओं के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर और शिकायतें वापस लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि ये मामले जारी रहे तो छात्रों को थानों और अदालतों के चक्कर लगाने पड़ेंगे, जिससे उनके भविष्य और करियर पर असर पड़ेगा। साथ ही उन्होंने आंदोलनकारी छात्रों से अपील की कि वे अपने आंदोलन का राजनीतिकरण न होने दें और शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें उठाते रहें।
उधर, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि मंत्री का इस्तीफा उनकी पहली मांग थी, लेकिन आंदोलन अभी खत्म नहीं होगा। उन्होंने नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई।
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