बिजली विभाग में बड़ा एक्शन: 5 इंजीनियरों पर गिरी गाज, एमडी ने जारी की चार्जशीट
Lucknow News: लखनऊ में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (MVVNL) की प्रबंध निदेशक रिया केजरीवाल ने बिजली विभाग के अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा करते हुए सख्त रुख अपनाया। बैठक में बिजली आपूर्ति, राजस्व वसूली, सौभाग्य योजना, नए कनेक्शन और आंधी-तूफान से प्रभावित बिजली नेटवर्क की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।
अधिकारियों के प्रदर्शन की समीक्षा के दौरान कई क्षेत्रों में लापरवाही और काम में देरी सामने आई, जिसके बाद पांच इंजीनियरों के खिलाफ चार्जशीट जारी करने के निर्देश दिए गए। एमडी ने साफ कहा कि उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
5 इंजीनियरों पर कार्रवाई, कई को मिली चेतावनी
समीक्षा के दौरान मनकापुर, गौरा चौकी, नवाबगंज, तरबगंज और वजीरगंज क्षेत्र के उपखंड अधिकारियों के कार्यों में लापरवाही पाई गई। इसके बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट जारी करने का फैसला लिया गया।
वहीं बिजनेस प्लान के तहत ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने और सुरक्षा संबंधी कार्यों में देरी पर भी नाराजगी जताई गई। मनकापुर और नवाबगंज के अधिशासी अभियंताओं को कड़ी चेतावनी देते हुए 15 दिनों के भीतर सभी लंबित कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए।
बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने वालों पर भी होगी कार्रवाई
बैठक में दो उपखंड अधिकारियों की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय बनी। जांच में पता चला कि दोनों अधिकारी बिना स्वीकृत अवकाश लिए मुख्यालय से बाहर थे और समीक्षा बैठक में भी शामिल नहीं हुए।
इस पर नाराजगी जताते हुए एमडी ने उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारियों को अनुशासन और जवाबदेही का पालन करना ही होगा।
इधर नवाबगंज क्षेत्र में लगातार मिल रही बिजली शिकायतों के बीच विधायक और पूर्व मंत्री रमापति शास्त्री ने भी विभागीय अधिकारियों की बैठक बुलाई। उन्होंने निर्देश दिया कि आंधी-तूफान से प्रभावित सभी गांवों में अगले दो दिनों के भीतर बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल की जाए।
विधायक ने कहा कि कई ग्रामीण इलाकों में अब भी लोग बिजली संकट झेल रहे हैं। ऐसे में विभाग को अतिरिक्त टीमें लगाकर युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य पूरा करना चाहिए।
ओवरलोड उपकेंद्र से बढ़ रही उपभोक्ताओं की परेशानी
रुपईडीह क्षेत्र का आर्यनगर विद्युत उपकेंद्र भी लंबे समय से क्षमता से अधिक भार झेल रहा है। करीब 18 हजार उपभोक्ताओं को बिजली देने वाले इस उपकेंद्र पर केवल दो 5-5 एमवीए ट्रांसफार्मर संचालित हैं, जिससे बार-बार ट्रिपिंग और कटौती की समस्या बनी रहती है।
विभाग ने लगभग एक साल पहले यहां 10 एमवीए का नया ट्रांसफार्मर लगाने का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन अब तक मंजूरी नहीं मिल सकी है। अधिकारियों का कहना है कि नया ट्रांसफार्मर लगने के बाद ओवरलोडिंग की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
बिजली विभाग की इस समीक्षा बैठक से साफ संकेत मिला है कि अब खराब प्रदर्शन, लापरवाही और विकास कार्यों में देरी पर सीधे कार्रवाई होगी। विभाग का फोकस बिजली व्यवस्था मजबूत करने और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देने पर रहेगा।
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