मेरठ कचहरी में ‘बम’ की दहशत: ईमेल से मिली 13 धमाकों की धमकी, खाली कराया गया पूरा परिसर
Sandesh Wahak Digital Desk: वेस्ट यूपी के सबसे संवेदनशील ठिकानों में से एक मेरठ कचहरी में आज उस समय हड़कंप मच गया, जब न्यायिक मजिस्ट्रेट के आधिकारिक ईमेल पर बम रखे जाने की सूचना मिली। इस धमकी भरे ईमेल ने न केवल पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी, बल्कि कचहरी परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया। धमकी में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि दोपहर 1:10 बजे कचहरी में 13 सिलसिलेवार धमाके होंगे।
ईमेल का ‘तमिलनाडु’ कनेक्शन और आतंकी संगठनों का जिक्र
जिला जज अनुपम कुमार को जैसे ही इस ईमेल की जानकारी मिली, उन्होंने तत्काल एसएसपी को सूचित किया। ईमेल की भाषा और इसमें शामिल संगठनों के नाम चौंकाने वाले हैं। ईमेल में मद्रास टाइगर्स, विदुथलाई अम्माइप्पू, तमिलनाडु लिबरेशन आर्मी और तमिलनाडु रिट्रीवल ट्रैप्स ग्रुप जैसे नामों का उल्लेख किया गया है। भेजने वाले ने खुद को ‘तमिलनाडु की निर्वासित सरकार’ से जुड़ा बताया और धमाकों के लिए तमिलनाडु सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया।
एक्शन में पुलिस: 15 मिनट में खाली हुई कचहरी
सूचना मिलते ही एएसपी अंतरिक्ष जैन के नेतृत्व में भारी पुलिस बल कचहरी पहुंचा। जजों, अधिवक्ताओं और हजारों वादकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। सुरक्षा के मद्देनजर कचहरी के सभी गेट बंद कर दिए गए। बम निरोधक दस्ता (BDDS) और डॉग स्क्वाड ने चप्पे-चप्पे की तलाशी ली। कोर्ट रूम से लेकर पार्किंग स्टैंड तक सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।
कामकाज ठप, लोगों में दहशत
इस अचानक हुई कार्रवाई के कारण अदालतों का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया। दूर-दराज से आए वादकारियों को घंटों बाहर इंतजार करना पड़ा। हालांकि, राहत की बात यह रही कि घंटों चली जांच के बाद अब तक कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है।
अधिकारियों का कहना है कि इस धमकी को कतई हल्के में नहीं लिया जा रहा है। साइबर सेल और एटीएस की तकनीकी टीम ईमेल के आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रैक कर रही है ताकि भेजने वाले की सटीक लोकेशन का पता लगाया जा सके। प्रथम दृष्टया यह किसी की शरारत भी हो सकती है, लेकिन सुरक्षा घेरा अभी भी सख्त है।

