Pratapgarh News: TET बाध्यता के खिलाफ शिक्षकों का ‘दिल्ली कूच’, रामलीला मैदान में गूंजेगी हक की आवाज
RTE एक्ट 2009 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को राहत देने की मांग, टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर सैकड़ों शिक्षक रवाना
Sandesh Wahak Digital Desk: शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता को लेकर उत्तर प्रदेश के शिक्षकों का आक्रोश अब देश की राजधानी दिल्ली की दहलीज तक पहुंच गया है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 के लागू होने से पहले नियुक्त हुए शिक्षकों पर टेट की बाध्यता थोपे जाने के विरोध में प्रतापगढ़ के सैकड़ों शिक्षकों ने दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित विशाल प्रदर्शन के लिए प्रस्थान किया।
पुरानी नियुक्तियों पर ‘TET’ का पेच: शिक्षकों की दलील
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ (प्रतापगढ़) की लालगंज इकाई के पदाधिकारियों का कहना है कि जो शिक्षक 2009 से पहले ही सेवा में आ चुके थे, उन पर वर्तमान नियमों को लागू करना उनके साथ अन्याय है। आंदोलनकारियों की मांग है कि 2009 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टेट की अनिवार्यता से पूर्णतः मुक्त किया जाए।
संघ के महामंत्री विष्णु सिंह और कोषाध्यक्ष हिमांशु ओझा ने कहा कि शिक्षक अपनी मांगों को पूरी तरह संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से सरकार के समक्ष रखेंगे।

डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा के आह्वान पर एकजुटता
टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा के आह्वान पर जिले भर के शिक्षक एकजुट हुए हैं। लालगंज से रवाना हुए जत्थे में संघर्ष समिति के अध्यक्ष अरुण पांडे, मंत्री धर्मेंद्र सिंह, और ऋषि कुमार द्विवेदी सहित भारी संख्या में वरिष्ठ शिक्षक शामिल हैं। शिक्षकों का मानना है कि सरकार को पुरानी नियुक्तियों की स्थिति को देखते हुए कानून में व्यवहारिक संशोधन करना चाहिए।
आंदोलन में शामिल प्रमुख नाम
इस प्रदर्शन हेतु रवाना होने वालों में गिरिजा दत्त पांडे, ओमप्रकाश सरोज, राजेश्वर यादव, स्वर्ण तिवारी, शारदा प्रसाद, राम शिरोमणि यादव, कमलेश मिश्र, संदीप सिंह, मुकेश सरोज, सुनील कुमार चौहान, लालचंद रजक, और रजनीश मिश्र सहित सैकड़ों शिक्षाविद मौजूद रहे।
Also Read: Siddharthnagar News: नगर पालिका को मिली नई शक्ति, 5 नामित सभासदों ने ली शपथ

