UP में रावण राज…’, शंकराचार्य का योगी सरकार पर हमला, राम मंदिर ट्रस्ट को भेजा कानूनी नोटिस

Lucknow: ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गुरुवार को लखनऊ में प्रेसवार्ता कर उत्तर प्रदेश सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि 81 दिन की ‘गविष्ठि (गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध) यात्रा’ के दौरान प्रशासन ने लगातार बाधाएं खड़ी कीं और अब गौ रक्षा को लेकर प्रस्तावित कार्यक्रम में शामिल होने वाले समर्थकों को भी रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हालात ऐसे हैं कि “रावण राज जैसा माहौल” दिखाई देता है।

उन्होंने बताया कि प्रशासनिक परिस्थितियों के चलते लखनऊ में प्रस्तावित ‘गौ गर्जन अक्षौहिणी संकल्प’ कार्यक्रम अब सार्वजनिक रूप से नहीं, बल्कि 24 जुलाई को दोपहर 12 से 2 बजे तक डिजिटल माध्यम से आयोजित किया जाएगा। इसी दौरान गौ रक्षा को लेकर आगे की रणनीति और संकल्प की घोषणा होगी।

राम जन्मभूमि ट्रस्ट को कानूनी नोटिस

शंकराचार्य ने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को कानूनी नोटिस भेजा गया है। नोटिस में पूछा गया है कि स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती को किस आधार पर शंकराचार्य माना गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राम मंदिर में सिर्फ चढ़ावे का विवाद ही नहीं, बल्कि अन्य कई गंभीर अनियमितताओं की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस पुराने बयान पर भी सवाल उठाए, जिसमें राम मंदिर की सीढ़ियों पर नमाज पढ़े जाने की बात कही गई थी। उनका कहना था कि पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह भी सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि वहां नमाज नहीं पढ़ी गई थी, इसलिए ऐसे मामलों में तथ्यों के आधार पर ही बयान दिए जाने चाहिए।

‘कार्यकर्ताओं को किया जा रहा नजरबंद’

शंकराचार्य का आरोप है कि कार्यक्रम में आने वाले कई कार्यकर्ताओं को घरों में ही रोक दिया गया है। कुछ लोगों को बुलडोजर कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है और कई स्थानों पर बिजली तक काटी जा रही है। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान कई बार उन्हें और उनके समर्थकों को रात्रि विश्राम की अनुमति तक नहीं मिली और सड़क पर रात बितानी पड़ी। पूरे घटनाक्रम की जानकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर भी दी गई है।

शंकराचार्य की 10 बड़ी बातें

  1. प्रशासनिक परिस्थितियों के चलते लखनऊ की जगह अब प्रदेश की सभी विधानसभा क्षेत्रों में डिजिटल माध्यम से ‘गौ गर्जन अक्षौहिणी संकल्प’ कार्यक्रम होगा।
  2. 24 जुलाई को दोपहर 12 से 2 बजे तक गौभक्त अपनी-अपनी विधानसभा में एकत्र होकर डिजिटल संकल्प लेंगे।
  3. कार्यक्रम के लिए 4.64 लाख रुपये से अधिक शुल्क जमा करने के बावजूद अंतिम समय तक स्पष्ट अनुमति नहीं मिली।
  4. 81 दिन की गौ रक्षा यात्रा के दौरान हर कदम पर प्रशासनिक बाधाएं खड़ी की गईं, कई जगह रात्रि विश्राम की अनुमति भी नहीं मिली।
  5. कार्यक्रम में आने वाले कई समर्थकों को कथित तौर पर हाउस अरेस्ट किया गया और कुछ को बुलडोजर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
  6. पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा गया है।
  7. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को कानूनी नोटिस भेजकर शंकराचार्य नियुक्ति का आधार पूछा गया है।
  8. राम मंदिर में चढ़ावा विवाद के अलावा अन्य कथित अनियमितताओं की भी जांच कराने की मांग की गई।
  9. मुख्यमंत्री के राम मंदिर की सीढ़ियों पर नमाज वाले पुराने बयान से असहमति जताई गई।
  10. सरकार पर आरोप लगाया कि वह अपने हिसाब से ‘सरकारी शंकराचार्य’ तैयार करना चाहती है, जबकि सनातन परंपरा में शंकराचार्य का निर्णय सरकार नहीं कर सकती।

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