सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में ‘विद्या-AI’ पर मंथन, उच्च शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से आएगी डिजिटल क्रांति
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु के विज्ञान संकाय में शुक्रवार को अत्याधुनिक ‘विद्या-एआई’ (Vidya-AI) प्लेटफॉर्म को लेकर एक महत्वपूर्ण चर्चा का आयोजन किया गया। विज्ञान संकाय की संकायाध्यक्ष प्रो. प्रकृति राय की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव और इसके लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
AI से व्यक्तिगत और प्रभावी होगी शिक्षा
संकायाध्यक्ष प्रो. प्रकृति राय ने अपने संबोधन में कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में AI आधारित लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS) क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘विद्या-एआई’ के माध्यम से छात्रों को उनकी क्षमता के अनुसार व्यक्तिगत और अधिक प्रभावी शिक्षा प्रदान की जा सकती है, जो भविष्य की जरूरत है।

प्लेटफॉर्म की विशेषताएं: एमसीक्यू से लेकर ऑडियो-टू-टेक्स्ट तक
‘विद्या-एआई’ के प्रोजेक्ट मैनेजर शुभम तिवारी ने प्लेटफॉर्म की तकनीकी बारीकियों को साझा किया। न्यूरल नेटवर्क के ऐतिहासिक विकास पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) और उत्तर उपलब्ध हैं। छात्र अपनी सुविधानुसार भाषा का चुनाव कर पढ़ाई कर सकते हैं। ऑडियो से टेक्स्ट (Audio-to-Text) की सुविधा छात्रों के लिए नोट्स बनाने में विशेष रूप से सहायक होगी।
छात्रों के लिए डिजिटल लाइब्रेरी और नोट्स
कार्यक्रम संयोजक डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव ने बताया कि इस प्लेटफॉर्म पर लेक्चर रिकॉर्डिंग, लेक्चर नोट्स और हस्तलिखित (Handwritten) नोट्स की सुविधा भी दी जा रही है। AI प्रणाली छात्रों के प्रदर्शन का विश्लेषण कर उन्हें व्यक्तिगत सुझाव भी देती है, जिससे सीखने की प्रक्रिया और अधिक वैज्ञानिक हो जाती है।
विशेषज्ञों ने किया शंका समाधान
कार्यक्रम के दौरान क्लाइंट समाधान प्रमुख सचिन शर्मा और जयशील सिंह ने उपस्थित शिक्षकों एवं छात्रों के प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर दिए। इस अवसर पर प्रो. एस. के. श्रीवास्तव, प्रो. कौशलेन्द्र चतुर्वेदी, प्रो. जितेन्द्र सिंह, प्रो. लक्ष्मण सिंह, डॉ. विनीता रावत, डॉ. रक्षा, डॉ. शिल्पी सहित विश्वविद्यालय के तमाम शिक्षक और अतिथि प्रवक्ता उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: जाकिर खान

