रात में खर्राटे और बार-बार खुलती है नींद, दिमाग पर पड़ सकता है गंभीर असर, जानें कैसे
Sleep Apnea Symptoms: सोते समय खर्राटे आना या कभी-कभी नींद खुलना आम बात हो सकती है, लेकिन अगर नींद बार-बार सांस रुकने की वजह से टूट रही है तो यह ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA) नाम की गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। यह ऐसी स्थिति है, जिसमें सोते समय ऊपरी श्वसन मार्ग बार-बार आंशिक या पूरी तरह बंद हो जाता है। इससे रात में कई बार सांस रुकती है और शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती।
दिमाग पर पड़ता है सबसे ज्यादा असर
नानावती मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के पल्मोनोलॉजी निदेशक डॉ. सलील एस बिंद्रे के अनुसार, स्लीप एपनिया का सबसे ज्यादा असर दिमाग पर पड़ता है। बार-बार ऑक्सीजन की कमी होने से दिमाग की कोशिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है।
खासतौर पर याददाश्त, ध्यान और सोचने-समझने की क्षमता से जुड़े हिस्से प्रभावित होते हैं। कई अध्ययनों में पाया गया है कि इलाज न कराने वाले मरीजों के दिमाग में संरचनात्मक और कार्यात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं।
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नींद की गुणवत्ता बिगड़ने से बढ़ती हैं समस्याएं
सांस रुकने के कारण व्यक्ति बार-बार नींद से जागता है, हालांकि उसे इसका अहसास नहीं होता। इससे गहरी नींद और REM स्लीप प्रभावित होती है, जो याददाश्त मजबूत करने, भावनाओं को नियंत्रित करने और सीखने के लिए जरूरी होती है। ऐसे लोगों में दिनभर नींद आना, चिड़चिड़ापन, ध्यान की कमी और कामकाज में गिरावट जैसी समस्याएं देखी जाती हैं।
बढ़ सकता है स्ट्रोक और डिमेंशिया का खतरा
विशेषज्ञों के मुताबिक, स्लीप एपनिया से हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है। हालिया शोध बताते हैं कि लंबे समय तक इलाज न कराने पर अल्जाइमर और वैस्कुलर डिमेंशिया जैसी बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है।
हालांकि, अच्छी बात यह है कि CPAP थेरेपी, वजन नियंत्रण, ओरल उपकरणों और जीवनशैली में बदलाव से इस बीमारी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। समय रहते पहचान और इलाज दिमाग को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है।

