धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सोनम वांगचुक का पहला रिएक्शन, बोले- यह लोकतंत्र की जीत

Sonam Wangchuk: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे लोकतंत्र की जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह शांतिपूर्ण आंदोलन, धैर्य और जनता की एकजुटता की सफलता है। वांगचुक ने पहले जंतर-मंतर और बाद में सफदरजंग व मेदांता अस्पताल में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन किया था। बाद में केंद्र सरकार के दो मंत्रियों के आग्रह पर उन्होंने अपना अनशन समाप्त किया था।

वांगचुक ने कहा, “यह लोकतंत्र की जीत है। डायरेक्ट डेमोक्रेसी… सीधे सड़कों से। यह शांति, सब्र और लगन की जीत है। सीजेपी, देश के जेनजी और हर उस नागरिक को बधाई, जिसने डर पर जीत हासिल की। अब जवाबदेही के साथ सुधारों की ओर बढ़ना होगा।”

सीजेपी बोली- अभी खत्म नहीं हुआ आंदोलन

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का स्वागत किया, लेकिन साफ कहा कि छात्रों का आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है। जंतर-मंतर पर छात्रों को संबोधित करते हुए सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके, प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने कहा कि जब तक उनकी तीनों प्रमुख मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

सरकार और सीजेपी के बीच हुई बैठक में तीन मांगें रखी गई थीं। इनमें धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले विद्यार्थियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की सहायता और आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने की मांग शामिल थी। सरकार ने आखिरी दो मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया था। बातचीत में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह शामिल हुए थे।

समझौते के आरोपों का दिया जवाब

इससे पहले सोनम वांगचुक ने सरकार से किसी समझौते के आरोपों को खारिज किया था। उन्होंने कहा कि उन्होंने 26 दिन का आमरण अनशन तभी समाप्त किया, जब सरकार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करने का लिखित आश्वासन दिया। वांगचुक ने कहा कि उन्हें 2025 में लद्दाख में युवाओं पर हुई पुलिस गोलीबारी की घटना याद थी और वह नहीं चाहते थे कि आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ किसी तरह की हिंसा हो।

शुक्रवार देर रात यूट्यूब पर जारी एक वीडियो में उन्होंने सफदरजंग अस्पताल में सुरक्षाकर्मियों के साथ हुई झड़प का फुटेज भी साझा किया। वीडियो में उन्होंने कहा कि या तो उन्हें गिरफ्तार किया जाए या वहां से जाने दिया जाए। उन्होंने दोहराया कि लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही उन्होंने अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त करने का फैसला लिया।

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