उद्धव ठाकरे के पास अब कितने बचे विधायक और सांसद, इमरजेंसी मीटिंग से मचा सियासी हलचल
Uddhav Thackeray: महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (यूबीटी) के लिए मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। सांसदों और विधायकों के बाद अब यह संकट महाराष्ट्र विधान परिषद तक पहुंच गया है। लगातार नेताओं के दल बदल से पार्टी की ताकत कमजोर हुई है। इसी राजनीतिक हालात के बीच पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने नेताओं के साथ आपात बैठक बुलाने का फैसला किया है।
मातोश्री में आज शाम मीटिंग
उद्धव ठाकरे ने मंगलवार शाम अपने आवास मातोश्री पर पार्टी के सभी विधायकों की इमरजेंसी बैठक बुलाई है। सूत्रों के मुताबिक यह बैठक शाम 7 बजे होगी। बैठक का उद्देश्य पार्टी छोड़ चुके नेताओं से हुए नुकसान की भरपाई और आगे किसी और टूट को रोकना बताया जा रहा है। साथ ही राज्य विधानसभा के मौजूदा मानसून सत्र के आखिरी सप्ताह के लिए रणनीति भी तय की जाएगी, हालांकि एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है।
सांसदों से शुरू हुई टूट
शिवसेना (यूबीटी) के पास पहले 9 सांसद थे, जिनमें से 6 सांसद हाल ही में पाला बदलकर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए। इनमें संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, नागेश पाटिल-आष्टीकर, ओमप्रकाश राजे निंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे शामिल हैं। अब लोकसभा में पार्टी के पास सिर्फ अरविंद सावंत, राजाभाऊ वाजे और अनिल देसाई बचे हैं।
MLC चुनाव से पहले नया झटका
हाल ही में विधान परिषद के उपसभापति चुनाव से पहले सचिन अहीर ने भी पाला बदल लिया। वह महायुति उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरे और निर्विरोध चुने गए। अहीर को आदित्य ठाकरे का करीबी माना जाता है, जिससे पार्टी को बड़ा झटका लगा।
अब अटकलें हैं कि “ऑपरेशन टाइगर” के तहत कुछ विधायक भी दल बदल सकते हैं। शिवसेना के मंत्री गुलाबराव पाटिल ने दावा किया कि ऑपरेशन टाइगर 3.0 शुरू हो चुका है और 14 विधायक शिंदे खेमे में जा सकते हैं। हालांकि मंत्री उदय सामंत समेत अन्य नेताओं ने ऐसे किसी ऑपरेशन से इनकार किया है।
फिलहाल शिवसेना (यूबीटी) के पास लोकसभा में 3 सांसद और विधानसभा में 20 विधायक बचे हैं। लगातार बदलते सियासी समीकरणों के बीच मातोश्री की बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है।

