UP में ‘ZFD’ योजना का कमाल: हर दिन बच रही 5 बहुमूल्य जानें, 487 संवेदनशील थानों में हादसों पर लगी लगाम

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों के आंकड़ों को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शुरू की गई ZFD (Zero Fatality District/Thana) योजना के पहले तीन महीनों में बेहद उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। पुलिस महानिदेशक (DGP) के मार्गदर्शन में 1 जनवरी 2026 से प्रदेश के 487 सर्वाधिक दुर्घटना बाहुल्य थानों में लागू इस योजना ने यूपी की सड़कों को सुरक्षित बनाने में मील का पत्थर साबित किया है।

मिशन ‘जीवन रक्षा’: आंकड़ों में बड़ी कामयाबी

वर्ष 2025 की तुलना में 2026 के प्रथम त्रैमास (जनवरी-मार्च) के आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि योजनाबद्ध तरीके से काम करने के सार्थक परिणाम मिल रहे हैं।

मृतकों की संख्या: 11.55% की कमी दर्ज की गई है। (करीब 450 लोगों की जान बचाई गई, यानी हर दिन 5 जीवन सुरक्षित)।

दुर्घटनाओं की संख्या: 7.43% की कमी आई है। (कुल 506 हादसे कम हुए, यानी प्रतिदिन औसतन 5.62 हादसों में गिरावट)।

घायलों की संख्या: 8.05% प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।

88 में से 66 इकाइयां ‘ग्रीन जोन’ में

प्रदेश की कुल 88 पुलिस इकाइयों (68 जनपद और 20 जोन/कमिश्नरेट इकाइयां) की समीक्षा में पाया गया कि 88 में से 66 इकाइयां (75%) अब ग्रीन जोन में हैं, जहाँ मृतकों की संख्या में या तो कमी आई है या कोई वृद्धि नहीं हुई है। 56 इकाइयां (63.6%) दुर्घटनाओं के मामले में ग्रीन जोन में शामिल हो चुकी हैं। 7 में से 5 पुलिस कमिश्नरेट में दुर्घटनाओं और मौतों की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट परिलक्षित हुई है।

आधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञों का साथ

योजना को प्रभावी बनाने के लिए 573 विशेष CC (Crash Checking) टीमों का गठन किया गया है।

हाई-टेक डिवाइस: इन टीमों को स्पीड लेजर गन, ब्रेथ एनालाइजर और डेसीबल मीटर जैसे आधुनिक उपकरण दिए गए हैं।

वैज्ञानिक विवेचना: IRTE और CTM के विशेषज्ञों द्वारा 181 पुलिस अधिकारियों (DCP से लेकर सब-इंस्पेक्टर तक) को प्रशिक्षित किया गया है, ताकि सड़क हादसों की विवेचना वैज्ञानिक पद्धति से हो सके।

SR (Special Report) केस: जिन हादसों में 3 या उससे अधिक मौतें होंगी, उन्हें अब ‘विशेष रिपोर्ट’ (SR) श्रेणी में रखकर उच्च स्तरीय निगरानी की जाएगी।

बजट और इंफ्रास्ट्रक्चर: ₹48 करोड़ की नई ताकत

सड़क सुरक्षा कोष और आधुनिकीकरण योजना के तहत सरकार ने भारी निवेश को मंजूरी दी है:

नए वाहन: 25 चार पहिया इंटरसेप्टर (₹8.80 करोड़) और 62 दो पहिया इंटरसेप्टर (₹4.96 करोड़) की खरीद।

CCTV सर्विलांस: 297 प्रमुख चौराहों पर 1338 नए CCTV कैमरे लगाने के लिए ₹9 करोड़ स्वीकृत।

सुरक्षा उपकरण: बैरियर, हेलमेट, जैकेट और अन्य उपकरणों हेतु ₹25 करोड़ से अधिक का प्रावधान।

इन 5 गलतियों पर होगी ‘साक्ष्य आधारित’ कार्रवाई

यातायात निदेशालय ने नई SOP जारी की है, जिसके तहत 5 प्रमुख उल्लंघनों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

ओवरस्पीडिंग (Overspeeding)

शराब पीकर वाहन चलाना (Drunken driving)

स्टंट बाइकिंग/खतरनाक ड्राइविंग (Rash driving)

ध्वनि प्रदूषण (Noise pollution)

धुआं छोड़ने वाले वाहन (Visibly polluting vehicles)

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