UP Politics: लखनऊ में सपा का सामाजिक मेलजोल, अखिलेश यादव का ‘जातीय गोलबंदी’ पर जोर
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश की राजनीति में सामाजिक समीकरणों को साधने की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में आज समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से रूहेला सैन, सविता, अंसारी और प्रजापति समाज के प्रतिनिधिमंडलों ने मुलाकात की। इस दौरान विभिन्न समाजों ने अपनी समस्याओं और राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर अखिलेश यादव को ज्ञापन सौंपे।
19 जिलों में 40 लाख की आबादी, पर पहचान नहीं: रूहेला समाज का दर्द
अखिल भारतीय रूहेला क्षत्रिय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण रूहेला ने सपा प्रमुख को समाज की जमीनी हकीकत से रूबरू कराया। उन्होंने बताया कि रोहिला, छिप्पी, दर्जी, टांक और नामदेव समाज यूपी के 19 जिलों में करीब 35 से 40 लाख की आबादी रखता है। सरकारी गजट में ‘छिप्पी’ और ‘दर्जी’ के स्थान पर ‘रोहिला’ नाम दर्ज किया जाए। समाज ने सरकार और संगठन में उचित राजनीतिक हिस्सेदारी की मांग की है।
मुलाकात के दौरान प्रजापति समाज के प्रतिनिधियों ने भी अपना मांग पत्र सौंपा। उन्होंने विशेष रूप से आग्रह किया कि गुरु पूर्णिमा के दिन ‘महाराज दक्ष प्रजापति’ की जयंती आधिकारिक रूप से मनाई जाए। इसके साथ ही सैन-सविता समाज और सलमानी समाज के प्रतिनिधियों ने भी अपनी मांगों को लेकर चर्चा की।
पहले सरकार बनाइए, फिर होगा न्याय- अखिलेश यादव
सभी प्रतिनिधिमंडलों की बातों को गंभीरता से सुनने के बाद अखिलेश यादव ने स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि इन सभी समस्याओं का स्थाई समाधान तभी संभव है जब प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि सपा सरकार आने पर हर समाज के मान-सम्मान और हक का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल
रूहेला समाज: कृष्ण रूहेला, राम निवास, प्रदीप, अजय, ब्रजमोहन, मनीष, नितिन, आशीष, दीपक दर्जी, विजय नामदेव, नीरज रूहेला।
सैन-सविता समाज: गिरीश मधुरिया, बोबी सैन, गोलू सैन, विनीत सविता।
प्रजापति समाज: रमेश, लालचंद, अतुल, रामलाल, श्रीराम, राजेन्द्र, राम किशोर, श्रवण और सतपाल प्रजापति।
अन्य: फैजल कुमार सलमानी और अब्दुल।
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