UP: स्टांप व पंजीयन विभाग में तबादलों पर भ्रष्टाचार का साया, सभी 202 ट्रांसफर रद्द, जांच के आदेश
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश सरकार ने स्टांप एवं पंजीयन विभाग में हुए सभी 202 तबादलों को रद्द कर दिया है। यह फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद लिया गया, जब विभाग में भ्रष्टाचार की गंभीर शिकायतें सामने आईं। इस पूरे मामले ने विभाग में खलबली मचा दी है।
आईएएस समीर वर्मा पर लगे गंभीर आरोप
दरअसल, स्टांप एवं पंजीयन विभाग में उप-निबंधकों और कनिष्ठ सहायकों के तबादलों को लेकर बड़ी संख्या में गड़बड़ियों की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों में आईएएस अधिकारी व आईजी स्टांप समीर वर्मा का नाम सामने आया, जिन पर गंभीर अनियमितताओं और पद के दुरुपयोग के आरोप लगे हैं। विभागीय मंत्री रवीन्द्र जायसवाल ने खुद यह मामला लिखित रूप से मुख्यमंत्री के सामने उठाया, जिसके बाद सीएम योगी ने तत्काल प्रभाव से सभी तबादलों को स्थगित करने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए।
59 उप-निबंधक और 114 कनिष्ठ सहायकों के तबादले थे विवादित
शुरुआती जांच में 59 कार्यरत और 29 नव-प्रोन्नत उप-निबंधकों, साथ ही 114 कनिष्ठ सहायकों के तबादलों में भारी अनियमितताएं पाई गईं। इसके बाद सोमवार को प्रमुख सचिव स्टांप ने सभी 202 ट्रांसफरों को पूरी तरह रद्द करने का शासनादेश जारी कर दिया।
रिश्वत लेकर पोस्टिंग पाने वालों की जांच शुरू
अब शासन ने उन अधिकारियों और कर्मचारियों की गोपनीय समीक्षा शुरू कर दी है जिन्होंने कथित रूप से मोटी रिश्वत देकर मलाईदार पोस्टिंग हासिल की थी। मुख्यालय से लेकर जिलों तक तैनात अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू हो चुकी है। स्टांप एवं पंजीयन मंत्री रवीन्द्र जायसवाल ने साफ किया है कि जो भी अधिकारी रिश्वत लेकर या लापरवाही से तैनाती पाए हैं, उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह पूरा कदम योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है।
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