उपचुनाव में AAP की दमदार वापसी, पंजाब-गुजरात में जीत से बदला सियासी माहौल
Sandesh Wahak Digital Desk: हाल ही में देश के चार राज्यों की पांच विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजों ने आम आदमी पार्टी (AAP) को नई सियासी ऊर्जा दे दी है। दिल्ली में सत्ता गंवाने के बाद पार्टी जहां थोड़ी हताश नजर आ रही थी, वहीं अब पंजाब और गुजरात में मिली जीत ने उसके हौसले बुलंद कर दिए हैं। AAP को दो सीटों पर जीत मिली है, जिसे पार्टी के लिए “सियासी संजीवनी” माना जा रहा है।
पंजाब के लुधियाना में AAP ने फिर दिखाया दम
पंजाब की लुधियाना पश्चिम सीट से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार संजीव अरोड़ा ने कांग्रेस प्रत्याशी भारत भूषण आशु को 10,637 वोटों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की। अरोड़ा को 35,179 वोट मिले जबकि आशु को 24,542 वोट मिले। इस जीत ने साफ कर दिया कि AAP अभी भी पंजाब में मजबूत स्थिति में बनी हुई है और 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए उसने अपना आधार और मज़बूत किया है।
गुजरात की विसावदर सीट पर भी AAP का परचम
गुजरात की विसावदर सीट पर भी आम आदमी पार्टी ने बाज़ी मार ली। AAP उम्मीदवार गोपाल इटालिया को 75,942 वोट मिले जबकि भाजपा के किरीट पटेल को 58,388 वोट हासिल हुए। इस तरह AAP को यहां 17,554 वोटों से जीत मिली। गौर करने वाली बात ये है कि इसी सीट से 2022 में AAP के विधायक भूपेंद्र भाई भयानी जीते थे, लेकिन बाद में बीजेपी में शामिल हो गए, जिससे उपचुनाव की नौबत आई। बावजूद इसके बीजेपी यहां AAP को पछाड़ नहीं सकी।
दिल्ली में सत्ता और सीट दोनों गंवाने के बाद केजरीवाल की राजनीतिक हैसियत पर सवाल उठने लगे थे। लेकिन अब उपचुनाव की दो सीटें जीतकर पार्टी ने दिखा दिया है कि उसका राजनीतिक वजूद कायम है और जनता का भरोसा बरकरार है।
केजरीवाल का विपक्ष पर हमला
जीत के बाद अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, “पंजाब और गुजरात दोनों जगह हमारी जीत पिछली बार से ज्यादा मार्जिन के साथ हुई है। यह दर्शाता है कि लोग हमारे काम से खुश हैं। गुजरात में लोग अब बीजेपी से परेशान हैं और उन्हें AAP में एक विकल्प नजर आ रहा है।” उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियां मिलकर AAP को हराना चाहती थीं, लेकिन जनता ने दोनों को नकार दिया।
कांग्रेस के लिए झटका, 2027 की तैयारी को लगा ब्रेक
कांग्रेस के लिए ये नतीजे खासे निराशाजनक रहे हैं। लुधियाना में कांग्रेस पहले लोकसभा सीट जीतने के बाद विधानसभा उपचुनाव हार गई। इससे कांग्रेस के 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति पर असर पड़ सकता है। वहीं गुजरात में कांग्रेस अपने संगठन को नए सिरे से खड़ा करने में जुटी थी, लेकिन विसावदर में सिर्फ 5,501 वोट मिलना उसके लिए बड़ा झटका है।
लुधियाना पश्चिम को 2027 विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा था और कांग्रेस की हार ने उसके लिए चुनौती बढ़ा दी है। वहीं गुजरात में कांग्रेस की वापसी की संभावनाओं को भी AAP की जीत ने झटका दिया है। अब यह साफ दिख रहा है कि आम आदमी पार्टी धीरे-धीरे कांग्रेस की जगह मजबूत विपक्ष के रूप में उभरने लगी है।
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