चोर अफवाह : आधी हकीकत-आधा फसाना, पकड़े गए तो विक्षिप्त का बहाना
Shravasti News: जिले में चोर एवं चोरी की घटनाओं का अफवाह चरम पर है। ग्रामीण पूरी रात जाग कर अपनी तथा अपने घरों की सुरक्षा कर रहे हैं। शाम होते हीं लोग अपने घरों के सामने लाठी डंडों से लैस होकर बैठे देखे जा सकते हैं। गांवों में चोर आने की अफवाहें शाम ढलते हीं शुरू हो जाती है, कभी इधर तो कभी उधर सैकड़ों ग्रामीण चोरों को खदेड़ते नजर आते हैं। मगर अधिकतर मामलों में ग्रामीण खाली हाथ हीं लौटते हैं। ये अफवाह कौन फैलता है और क्यों फैलाता इसका जवाब किसी भी जिम्मेदार के पास नहीं है। हालांकि इस अफवाह को उस समय और बल मिल जाता है जब चोरी की कुछ असली घटनाएं सामने आ जाती है या कोई संदिग्ध व्यक्ति पकड़ लिया जाता है। एक आध सही मामलों के पीछे दर्जनों फर्जी अफवाहें सोशल मीडिया पर तैरने लगती है, जो ग्रामीणों में दहशत फैलाने तथा अफवाहों को बल प्रदान करने में मदद करती हैं। ऐसे में इन अफवाहों पर कब और कैसे विराम लगेगा, अपने आप में बड़ा सवाल है।
दो घण्टे में चोर की चार अफवाहें, सैकड़ों ग्रामीणों ने खदेड़ा
जिले के नवीन मॉर्डन पुलिस थाना क्षेत्र अन्तर्गत कटरा बाजार में सोमवार को दो घण्टे के भीतर चार जगहों पर चोर आने का अफवाह फैली, सैकड़ों ग्रामीणों ने घण्टों तक चोर का तलाश की, लेकिन कोई नहीं मिला। सोमवार शाम लगभग साढ़े सात बजे सबसे पहले सफाईकर्मी पुत्ती लाल के यहां चोरी की अफवाह फैली। पुत्ती लाल के यहां बहू का श्रृंगार दान और अलमारी खुला तथा अलमारी के अन्दर का लॉकर टूटा एवं सामान बिखरा हुआ पाया गया। खटपट की आवाज सुनकर घर में मौजूद महिलाओं ने शोरगुल मचाया तो संदिग्ध पीछे से भाग गया। रात लगभग पौने आठ बजे तरुण वर्मा के घर में चोर घुसने की अफवाह फैली, यहां पर भी सैकड़ों ग्रामीणों ने घण्टों तक चोर की तलाश की। रात लगभग सवा आठ बजे गांव में स्थित खाली पड़े एक बड़े प्लाट में भाग कर चोर के छुपने की अफवाह फैली, यहां पर भी ग्रामीणों ने प्लाट को घेर कर घण्टों तक चोर की तलाश की।
रात लगभग नौ बजे सांसद राम शिरोमणि वर्मा के मोहल्ले में चोर की अफवाह फैली, यहां पर हजारों ग्रामीणों ने घण्टों तक चोर की तलाश की। उपरोक्त किसी भी अफवाह में कोई भी संदिग्ध पकड़ा नहीं गया है, जो आधा हकीकत आधा फसाना वाली कहावत को चरितार्थ कर रहा है।
किशोरी सहित दो संदिग्धों को पुलिस को सौंपा
सोमवार देर शाम कटरा बाजार के एक कॉस्मेटिक की दुकान में लगभग पन्द्रह वर्षीय किशोरी घुस गई, जिसे दुकानदार व स्थानीय लोगों ने संदिग्ध मानते हुए स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया। वहीं देर रात कटरा बाईपास चौराहे पर एक संदिग्ध व्यक्ति खड़ा मिला। जिसकी सूचना कटरा बाजार चौराहे पर मौजूद दो सब इंस्पेक्टर सहित चार पुलिस कर्मियों को दी गई।
मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों को संदिग्ध ने खुद कलकत्ता निवासी और बलरामपुर जाने की बात बताई। संदिग्ध द्वारा पुलिस को अपने पहचान संबंधी कोई भी कागजात नहीं दिखाया जा सका। फिर भी पुलिस ने इस मामले को गम्भीरता पूर्वक लिए बगैर उसे एक होटल के बाहर बिठा कर सुबह बलरामपुर जाने का निर्देश देकर अपने कर्तव्यों से इतिश्री कर लिया। ऐसे में संदिग्ध द्वारा यदि किसी घटना को अंजाम दिया जाता या वह भीड़ के हत्थे चढ़ जाता तो इसका जिम्मेदार कौन होता।
पागलपन संयोग या साजिश?
जिले में चोर व चोरी की अफवाह फैलने के बाद से गिलौला, इकौना, नवीन मॉर्डन सहित अन्य क्षेत्रों में पकड़े गए अधिकतर संदिग्धों में एक समानता देखने को मिली है। पकड़े गए अधिकतर संदिग्ध पागल निकले हैं, जिसे एक संयोग कहा जाए या फिर किसी बड़े गिरोह की साजिश? जो जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस को इस बिन्दु पर गहनता पूर्वक जांच करने की जरूरत है।
रिपोर्ट: माता प्रसाद वर्मा
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