IPL 2026: जडेजा को टीम से निकालने के पीछे किसका दिमाग? धोनी या मैनेजमेंट? खुलासा चौंकाने वाला
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Sandesh Wahak Digital Desk: चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और एमएस धोनी का रिश्ता इंडियन प्रीमियर लीग की शुरुआत से ही बेहद खास रहा है।
2008 में IPL की पहली बॉल से लेकर 2025 तक धोनी ने CSK की कप्तानी, रणनीति और प्रदर्शन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। यही कारण है कि अक्सर यह सवाल उठता है—क्या CSK के बड़े फैसलों पर धोनी का पूरा कंट्रोल है?
क्या खिलाड़ी रिटेंशन, खरीद-फरोख्त और ट्रेडिंग में धोनी की अंतिम राय होती है? और क्या रवींद्र जडेजा को राजस्थान रॉयल्स भेजने में धोनी की भूमिका थी?

यहां आपके सभी सवालों का जवाब…
क्या CSK पर पूरा कंट्रोल धोनी के पास है?
धोनी के करीबी मित्र और पूर्व CSK खिलाड़ी सुरेश रैना ने IPL 2025 के दौरान इस विषय पर बड़ा खुलासा किया था। रैना ने कहा:
“लोग कहते हैं कि अंतिम फैसला धोनी लेते हैं, लेकिन मैंने आज तक उन्हें नीलामी बैठकों का हिस्सा बनते नहीं देखा। मैनेजमेंट धोनी से राय जरूर लेता होगा, लेकिन हर फैसला वो नहीं करते।”
रैना के इस बयान से साफ है कि धोनी की भूमिका सिर्फ सुझाव देने तक सीमित होती है, अंतिम निर्णय फ्रेंचाइजी मैनेजमेंट लेता है।
CSK के बड़े फैसले कौन लेता है?
CSK के सभी प्रमुख निर्णय —
-प्लेयर रिटेंशन
-ऑक्शन रणनीति
-ट्रेडिंग निर्णय
…ये सभी मैनेजमेंट और टीम के वरिष्ठ अधिकारी मिलकर तय करते हैं।
धोनी से केवल कुछ खिलाड़ियों के बारे में पूछा जाता है, जैसे कि वे किन 4–5 खिलाड़ियों को टीम में रखना चाहते हैं। इसके बाद रिटेंशन व ट्रेडिंग की प्रक्रिया मैनेजमेंट ही संभालता है।
क्या रवींद्र जडेजा को निकालने में धोनी की भूमिका थी?
CSK ने रवींद्र जडेजा और सैम करन को रिलीज कर दिया और इसके बदले संजू सैमसन को ट्रेड कर लिया। इस फैसले पर काफी चर्चा हुई, लेकिन आधिकारिक रूप से CSK या धोनी ने इस पर कोई बयान नहीं दिया।
रिपोर्ट के अनुसार:
CSK मैनेजमेंट ने जडेजा के ट्रेड पर तभी आगे बढ़ा जब धोनी से ग्रीन सिग्नल मिला।
इसका मतलब यह नहीं कि धोनी ने जडेजा को बाहर किया, बल्कि मैनेजमेंट ने ट्रेड का प्रस्ताव रखा और धोनी से सहमति ली।
धोनी की भूमिका क्या है?
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वे टीम की ऑन-फील्ड रणनीति तय करते हैं।
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कुछ खिलाड़ियों पर राय देते हैं।
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लेकिन फ्रेंचाइज़ी संचालन और बड़े फैसले मैनेजमेंट के हाथ में होते हैं।
धोनी CSK के “स्पिरिचुअल लीडर” की तरह टीम में प्रभाव रखते हैं, लेकिन उनके पास फुल कंट्रोल नहीं है।

