Bhooth Bangla Review: टिकट बुक करने से पहले जान लें ये 5 बड़ी कमियां, कहीं उम्मीदों पर न पड़े भारी

Sandesh Wahak Digital Desk: Bhooth Bangla को लेकर दर्शकों में पहले से ही खासा उत्साह था। वजह साफ थी, निर्देशक प्रियदर्शन और अभिनेता अक्षय कुमार की चर्चित जोड़ी।

फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और कॉमेडी के कई पल दर्शकों को हंसाते भी हैं, लेकिन थिएटर से बाहर निकलते वक्त कई लोगों के मन में कुछ सवाल भी रह जाते हैं।

अगर आप फिल्म देखने का प्लान बना रहे हैं, तो इन पांच अहम कमियों पर एक नजर डालना जरूरी है।

1. जरूरत से ज्यादा लंबी फिल्म

फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी लंबाई है। करीब 2 घंटे 45 मिनट की रनटाइम के साथ कई सीन खिंचे हुए महसूस होते हैं। एडिटिंग टाइट होती तो कहानी ज्यादा प्रभावी बन सकती थी।

2. हॉरर कम, कॉमेडी ज्यादा

‘हॉरर-कॉमेडी’ के तौर पर प्रमोट की गई फिल्म में डर का एलिमेंट कमजोर नजर आता है। कुछ दृश्य प्रभावी हैं, लेकिन जंप-स्केयर और थ्रिल की कमी साफ दिखती है। डर की तलाश में आए दर्शकों को निराशा हो सकती है।

3. मजबूत एक्ट्रेसेज़ का सीमित इस्तेमाल

फिल्म की कास्टिंग उम्मीद जगाती है, लेकिन स्क्रीन पर उसका पूरा फायदा नहीं उठाया गया। तब्बू जैसी सशक्त अदाकारा को सिर्फ स्पेशल अपीयरेंस तक सीमित रखा गया है। वहीं वामिका गब्बी और मिथिला पालकर के किरदार भी अधूरे लगते हैं।

4. नयापन महसूस नहीं होता

कई सीन और कॉमिक सिचुएशन प्रियदर्शन की पुरानी फिल्मों की याद दिलाते हैं। कुछ दर्शकों के लिए यह नॉस्टैल्जिया हो सकता है, लेकिन नएपन की तलाश करने वालों को फिल्म रिपिटेटिव लग सकती है।

5. सेकंड हाफ की सुस्ती

फिल्म का पहला हाफ हल्का-फुल्का और मनोरंजक है, लेकिन दूसरे हाफ में कहानी फ्लैशबैक और पौराणिक संदर्भों में उलझ जाती है। यहां फिल्म की रफ्तार धीमी पड़ जाती है, जिससे दर्शकों की दिलचस्पी कम हो सकती है।

भूत बंगला पूरी तरह खराब फिल्म नहीं है। कॉमेडी पसंद करने वाले और हॉरर-कॉमेडी के फैन इसे एन्जॉय कर सकते हैं।

हालांकि, बेहतर एडिटिंग, मजबूत हॉरर एलिमेंट और किरदारों के बेहतर इस्तेमाल से यह फिल्म कहीं ज्यादा असरदार बन सकती थी।

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