RLD महासचिव त्रिलोक त्यागी पर SC-ST एक्ट में केस दर्ज , मथुरा बयान से मचा विवाद
RLD Leader Trilok Tyagi FIR: राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी के खिलाफ उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के थाना हाईवे में SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के निर्देश के बाद की गई है। आरोप है कि उन्होंने एक सार्वजनिक मंच से संवैधानिक संस्था के लिए आपत्तिजनक और असंवैधानिक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे विवाद खड़ा हो गया है।
27 मई की जनसभा में दिए गए बयान से बढ़ा विवाद
मामले की शुरुआत 27 मई को मथुरा में आयोजित एक जनसभा और बैठक से हुई। शिकायतकर्ता राजेंद्र प्रसाद, जो गुरुग्राम के रहने वाले हैं, ने आरोप लगाया कि इस कार्यक्रम में त्रिलोक त्यागी ने अनुसूचित जाति आयोग को संबोधित करते हुए कथित रूप से “हरिजन आयोग” शब्द का इस्तेमाल किया। इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दलित संगठनों में नाराजगी फैल गई और मामले की शिकायत राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग तक पहुंची।
कानून और संविधान के उल्लंघन का आरोप
एफआईआर में कहा गया है कि भारत सरकार और सामाजिक न्याय मंत्रालय पहले ही “हरिजन” शब्द के प्रयोग को असंवैधानिक और अपमानजनक मान चुका है। शिकायत में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के सिद्धांतों और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा गया कि ऐसे शब्द सामाजिक भेदभाव को बढ़ावा देते हैं। आरोप है कि एक जिम्मेदार पद पर रहते हुए इस शब्द का प्रयोग समाज की भावनाओं और संवैधानिक गरिमा के खिलाफ है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मथुरा पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पूरे केस की विवेचना सीओ रिफाइनरी को सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जनसभा के वीडियो फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

