Siddharthnagar News: सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के दशम दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का प्रेरक संबोधन
Siddharthnagar News: सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर के दशम दीक्षांत समारोह का आयोजन भव्य रूप से किया गया।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता करते हुए विद्यार्थियों को विकसित भारत, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश दिया।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि दीक्षांत समारोह केवल उपाधि वितरण का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के जीवन में नई यात्रा, नए दायित्व और नए संकल्प का आरंभ है।
उन्होंने स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियां वर्षों के कठिन परिश्रम, अनुशासन और समर्पण का परिणाम हैं।
37 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक
इस वर्ष के दीक्षांत समारोह में कुल 37 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए, जिनमें 28 छात्राएं और 9 छात्र शामिल हैं।
राज्यपाल ने छात्राओं की उल्लेखनीय उपलब्धियों की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा कि बेटियों की यह सफलता समाज और राष्ट्र की प्रगति का प्रतीक है।
राज्यपाल ने कहा कि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की यह भूमि भगवान गौतम बुद्ध की पावन धरती है, जिसने पूरी दुनिया को शांति, करुणा और मानवता का संदेश दिया।

शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य मानव कल्याण और सामाजिक संवेदनशीलता को बढ़ावा देना होना चाहिए।
शोध, पर्यावरण और विकसित भारत पर जोर
राज्यपाल ने शोध उपाधि प्राप्त करने वाले 25 शोधार्थियों और स्नातक-स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उपाधियां केवल प्रमाण-पत्र नहीं, बल्कि ज्ञान और संकल्प का प्रतीक हैं।
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और सतत विकास पर विशेष बल दिया तथा ‘वेस्ट टू वेल्थ’ और ‘सर्कुलर वाटर प्लान’ जैसे उदाहरणों के माध्यम से युवाओं को नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया।

विकसित भारत–2047 में युवाओं की भूमिका
राज्यपाल ने विकसित भारत–2047 की संकल्पना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, डिजिटल नवाचार, स्टार्टअप और आत्मनिर्भर भारत अभियान ने देश को नई दिशा दी है। इसमें युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
अन्य विशिष्ट अतिथियों के विचार
मुख्य अतिथि एवं प्रख्यात वैज्ञानिक प्रो. मधुलिका अग्रवाल ने विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, नैनो टेक्नोलॉजी और क्वांटम टेक्नोलॉजी जैसी उभरती तकनीकों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने युवाओं से सतत विकास, जल संरक्षण और हरित प्रौद्योगिकी को अपनाने का आह्वान किया।
कुलपति प्रो. कविता शाह ने स्वागत संबोधन में बताया कि विश्वविद्यालय में आधारभूत संरचना, शोध और नवाचार के क्षेत्र में निरंतर प्रगति हो रही है।
RUSA के अंतर्गत प्राप्त अनुदान से स्मार्ट कक्षाएं, आधुनिक प्रयोगशालाएं और डिजिटल सुविधाओं का विस्तार किया गया है।

विविध कार्यक्रमों का आयोजन
दीक्षांत समारोह के दौरान ‘किलकारी’ क्रेच और ‘कलरव’ बाल उपवन का लोकार्पण, दीक्षांत स्मारिका एवं वार्षिक प्रतिवेदन का विमोचन, दिव्यांगजन सशक्तिकरण हेतु ‘केबो’ सॉफ्टवेयर का अनावरण तथा विश्वविद्यालय के शिक्षकों द्वारा लिखित पुस्तकों का विमोचन भी किया गया।
समारोह के अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
रिपोर्ट- ज़ाकिर खान
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