राजेंद्र पाल गौतम और अजय राय ने सरकार को घेरा, शिक्षा और राम मंदिर विवाद पर उठाए सवाल
Lucknow News: उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने बुधवार को शिक्षा नीति और राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने शिक्षा के निजीकरण को गरीबों के भविष्य के लिए खतरा बताया, जबकि प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राम मंदिर चढ़ावा मामले की स्वतंत्र जांच और वित्तीय ऑडिट की मांग की।
बुलंदशहर और अलीगढ़ दौरे के दौरान राजेंद्र पाल गौतम ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं, छात्रों और प्रबुद्धजनों को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों को कमजोर कर शिक्षा का निजीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसका सबसे ज्यादा असर गरीब, दलित और पिछड़े वर्ग के बच्चों पर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारों ने छात्रवृत्ति और शिक्षा के अवसर बढ़ाकर लाखों युवाओं को डॉक्टर और इंजीनियर बनने का मौका दिया, जबकि मौजूदा सरकार सरकारी स्कूलों को बंद कर रही है। गौतम ने शिक्षकों की कमी, निजी स्कूलों की बढ़ती फीस और प्रतियोगी परीक्षाओं के बढ़ते खर्च का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार जैसे विषयों पर व्यापक बहस की जरूरत है, जिसकी शुरुआत अलीगढ़ से की गई है।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर पीएम को लिखा पत्र
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे, वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक व्यवस्था की स्वतंत्र फोरेंसिक जांच और वित्तीय ऑडिट कराने की मांग की है।
अजय राय ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है, इसलिए इससे जुड़े किसी भी विवाद का समाधान निष्पक्ष और पारदर्शी जांच से ही होना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री को भी पहले पत्र भेजा गया था, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि मंदिर की पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना श्रद्धालुओं के विश्वास और उसकी गरिमा के लिए जरूरी है।
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