लखनऊ की कुकरैल नाइट सफारी को सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी, अब जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य
Lucknow Night Safari: राजधानी लखनऊ में प्रस्तावित कुकरैल नाइट सफारी परियोजना को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। अदालत ने केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (CEC) की सिफारिशों और पर्यावरण संबंधी शर्तों के साथ परियोजना को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही देश की पहली और दुनिया की पांचवीं नाइट सफारी के निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। अब उत्तर प्रदेश सरकार प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कर जल्द निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी करेगी।
दो चरणों में बनेगी परियोजना, दो साल में होगा निर्माण
कुकरैल नाइट सफारी करीब 900 एकड़ क्षेत्र में दो चरणों में विकसित होगी। पहले चरण पर 631 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जबकि पूरी परियोजना की लागत 1510 करोड़ रुपये तय की गई है। अगस्त 2022 में प्रदेश मंत्रिमंडल ने इसे सैद्धांतिक मंजूरी दी थी और फरवरी 2025 में व्यय वित्त समिति ने वित्तीय स्वीकृति दी। परियोजना को तैयार होने में कम से कम दो वर्ष का समय लगने का अनुमान है।
इन शर्तों के साथ मिली अनुमति
सुप्रीम कोर्ट ने सीईसी की सिफारिशों के अनुसार कई शर्तें लागू की हैं। एडवेंचर जोन नहीं बनाया जाएगा और चार लेन सड़क की जगह केवल दो लेन सड़क बनेगी। नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान को कुकरैल वन क्षेत्र में स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। पेड़ों की कटाई न्यूनतम रखी जाएगी और बड़े स्तर पर पौधरोपण होगा। साथ ही वन्यजीवों के अनुकूल कम तीव्रता वाली रोशनी, सीमित वाहन संचालन और प्राकृतिक नालों, जलधाराओं व आर्द्रभूमि को सुरक्षित रखा जाएगा।
परियोजना में 5.5 किलोमीटर लंबा ट्रामवे, 1.92 किलोमीटर का वॉकिंग पाथ, 7डी थिएटर, कैफेटेरिया, ऑडिटोरियम और पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित होंगी। यहां एशियाटिक शेर, बंगाल टाइगर, तेंदुआ, घड़ियाल, हायना और उड़न गिलहरी समेत कई वन्यजीव आकर्षण का केंद्र होंगे। सरकार का मानना है कि इस परियोजना से लखनऊ को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
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