परिसीमन विधेयक पर कांग्रेस का नया दांव, खरगे ने PM मोदी को लिखा पत्र, सर्वदलीय बैठक की मांग

Sandesh Wahak Digital Desk: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने परिसीमन (Delimitation) से जुड़े प्रस्तावित संविधान संशोधन विधेयक को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने मांग की है कि संसद में नया विधेयक पेश करने से पहले सभी राजनीतिक दलों की राय लेने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए। साथ ही विपक्षी दलों को विधेयक का अध्ययन करने के लिए पर्याप्त समय भी दिया जाए।

खरगे ने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक केंद्र सरकार परिसीमन से जुड़े संशोधित संविधान संशोधन विधेयक को आगामी मानसून सत्र में दोबारा पेश करने की तैयारी कर रही है। ऐसे में इतने महत्वपूर्ण विषय पर व्यापक चर्चा और सभी पक्षों की सहमति जरूरी है।

पहले भी उठाई थी सर्वदलीय बैठक की मांग

अपने पत्र में खरगे ने बताया कि उन्होंने मार्च और अप्रैल में भी संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को पत्र लिखकर सर्वदलीय बैठक बुलाने का अनुरोध किया था, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में पेश संविधान (131वां संशोधन) विधेयक आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने के कारण पारित नहीं हो सका।

रिपोर्टों के अनुसार सरकार संशोधित विधेयक के जरिए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को जल्द लागू करना चाहती है। मौजूदा व्यवस्था के तहत महिला आरक्षण 2027 की जनगणना और उसके बाद होने वाले परिसीमन से जुड़ा है, इसलिए इसे 2034 से पहले लागू करना संभव नहीं है।

सरकार की योजना है कि परिसीमन की प्रक्रिया में बदलाव कर 2029 के लोकसभा चुनाव से महिला आरक्षण लागू किया जाए। इसके तहत लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों की संख्या बढ़ाकर अधिकतम 850 तक किए जाने के विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है।

दक्षिणी राज्यों की चिंताओं पर भी मंथन

जनसंख्या आधारित परिसीमन को लेकर दक्षिण भारत के कई राज्यों ने आशंका जताई है कि इससे लोकसभा में उनका प्रतिनिधित्व कम हो सकता है। इन चिंताओं को दूर करने के लिए सरकार सभी राज्यों की लोकसभा सीटों में लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी जैसे विकल्पों पर विचार कर रही है, ताकि किसी राज्य का राजनीतिक प्रतिनिधित्व प्रभावित न हो।

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