CJP प्रोटेस्ट के बीच NTA में बड़ा एक्शन, 47 अधिकारी बर्खास्त, कई पर होगी कानूनी कार्रवाई

Sandesh Wahak Digital Desk:देशभर में पेपर लीक को लेकर जारी विवाद और छात्रों के आंदोलन के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, NTA ने 47 अधिकारियों की सेवाएं समाप्त (बर्खास्त) कर दी हैं। इसके अलावा कुछ अधिकारियों के खिलाफ कानूनी और आपराधिक कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई एजेंसी में जवाबदेही तय करने और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में शुरू किए गए व्यापक सुधार अभियान का हिस्सा है।

NTA में बड़े बदलाव की तैयारी

शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है। आने वाले दिनों में NTA की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए कई और अहम फैसले लिए जाएंगे।

हाल के महीनों में पेपर लीक और परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर NTA लगातार सवालों के घेरे में रही है। इसी वजह से एजेंसी के ढांचे और कामकाज की व्यापक समीक्षा की जा रही है।

मंत्रालय के मुताबिक, उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी, भरोसेमंद और जवाबदेह बनाना है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

पिछले चार दिनों में सरकार के तीन बड़े बयान

पेपर लीक को लेकर केंद्र सरकार लगातार सख्त रुख दिखा रही है।

  • 24 जुलाई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि पेपर लीक पर सख्त कानून लाया जाएगा और इससे जुड़ा विधेयक संसद में पेश किया जाएगा।
  • 23 जुलाई: पीएम मोदी ने कहा कि पेपर लीक के मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे, ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके।
  • 21 जुलाई: एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री ने पेपर लीक को “घोर पाप” बताते हुए कहा था कि दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी और राज्यों से भी सहयोग मांगा जाएगा।

शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि NTA में की गई यह कार्रवाई परीक्षा प्रणाली में सुधार और विश्वास बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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