बिजली बिल में फिर से दिखेगा नाम और पता, विरोध के बाद बैकफुट पर आया UPPCL
UPPCL News: उत्तर प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। बिजली बिल से नाम और पता हटाने के फैसले पर विवाद बढ़ने के बाद उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने अपना फैसला बदल दिया है। अब बिलिंग सॉफ्टवेयर में बदलाव किया जा रहा है, जिसके बाद बिजली बिल पर फिर से उपभोक्ता का नाम और पूरा पता दिखाई देगा।
यह कदम राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद की आपत्ति और नियामक आयोग में दायर याचिका के बाद उठाया गया है।
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने बिजली बिल से नाम और पता हटाने के फैसले को विद्युत वितरण संहिता-2005 का उल्लंघन बताते हुए नियामक आयोग में याचिका दाखिल की थी।
मामला उठते ही UPPCL ने बिलिंग सॉफ्टवेयर में बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बदलाव पूरा होने के बाद सभी नए बिजली बिलों में फिर से उपभोक्ता का नाम और पता प्रिंट होगा।
क्यों जरूरी है बिजली बिल पर नाम और पता?
उपभोक्ता परिषद का कहना है कि बिजली बिल सिर्फ भुगतान की रसीद नहीं, बल्कि पहचान और पते का महत्वपूर्ण दस्तावेज भी है।
बिजली बिल का इस्तेमाल इन कामों में होता है:
- आधार कार्ड में पता अपडेट कराने के लिए
पासपोर्ट बनवाने में - बैंक खाते की KYC (पहचान सत्यापन) के लिए
- ड्राइविंग लाइसेंस में पता बदलवाने के लिए
- वाहन की RC अपडेट कराने में
- LPG गैस कनेक्शन लेने या ट्रांसफर कराने में
- ब्रॉडबैंड और लैंडलाइन कनेक्शन के लिए
- डाकघर और अन्य सरकारी सेवाओं में
नाम और पता हटने से लाखों उपभोक्ताओं को इन कामों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
UPPCL को बताया गया नियमों के खिलाफ
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने पावर कॉरपोरेशन के निदेशक (वाणिज्य) से मुलाकात कर बताया कि बिल से नाम और पता हटाना विद्युत वितरण संहिता-2005 की धारा 6.5(ए) के विपरीत है।
इसके बाद UPPCL ने अपनी आईटी टीम को सॉफ्टवेयर में जरूरी बदलाव करने के निर्देश दिए हैं।
अब उम्मीद है कि जल्द ही प्रदेश के सभी बिजली उपभोक्ताओं को फिर से नाम और पते वाला बिजली बिल मिलने लगेगा।
Also Read: जमीन कब्जे की शिकायतों पर CM योगी सख्त, भूमाफियाओं पर FIR कर जेल भेजने के दिए निर्देश

