धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद समय रैना ने छात्रों को दी बधाई, वीर दास बोले- ‘तुम पहले ही जीत चुके हो’
Entertainment News: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर कई फिल्मी और कॉमेडी जगत की हस्तियों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
कॉमेडियन समय रैना और वीर दास ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए उन्हें बधाई दी और उनके संघर्ष की सराहना की।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के कुछ समय बाद समय रैना ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए छात्रों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा, “छात्रों की हिम्मत और बढ़े।”
इससे पहले भी समय रैना कथित NEET पेपर लीक मामले में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में खुलकर सामने आए थे।
उन्होंने कहा था कि छात्र सिर्फ बेहतर शिक्षा व्यवस्था और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
उनके मुताबिक, छात्रों की बात समय रहते सुनी जानी चाहिए, क्योंकि अधिकांश युवाओं और उनके परिवारों के लिए ऐसी प्रतियोगी परीक्षाएं बेहतर भविष्य का सबसे बड़ा माध्यम होती हैं।

पहले भी कर चुके थे समर्थन
समय रैना ने अपनी एक अन्य पोस्ट में लिखा था कि बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान निकालना जरूरी है, ताकि हालात ज्यादा खराब न हों।
उन्होंने उम्मीद जताई थी कि छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और कोई ठोस समाधान निकलेगा।
वीर दास का भावुक संदेश
कॉमेडियन और अभिनेता वीर दास ने भी इंस्टाग्राम पर छात्रों के नाम संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि छात्रों ने संविधान और लोकतंत्र के उस मूल भाव को फिर से जीवित किया है, जिसे लोग अक्सर भूल जाते हैं।
उन्होंने अपने संदेश में कहा, “प्यारे बच्चों, अब आगे चाहे जो भी हो, आप जीत चुके हैं। अब जश्न मनाइए।”
कई हस्तियों ने किया था छात्रों का समर्थन
समय रैना और वीर दास के अलावा शबाना आज़मी, रितेश देशमुख, सलमान खान, प्रकाश राज, अनुराग कश्यप और प्रीति जिंटा सहित कई कलाकार पहले भी छात्रों के आंदोलन के समर्थन में अपनी राय जाहिर कर चुके हैं।
अभिजीत दिपके ने भी दी प्रतिक्रिया
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के अभिजीत दिपके ने भी आंदोलन को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने प्रदर्शन स्थल से कहा, “हमने कर दिखाया। दुनिया झुकती है, बस झुकाने वाला चाहिए।”
इससे पहले एक इंटरव्यू में उन्होंने ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ शो में शामिल होने से इनकार करते हुए कहा था कि उन्हें शो का नजरिया पसंद नहीं है और उनका मानना है कि कठिन परिस्थितियों का सामना करने के बजाय आसान रास्ता चुनना सही नहीं होता।

