राहुल मद्धेशिया अपहरण केस में नहीं आया कोई गवाह, अब 1 सितंबर को अमरमणि त्रिपाठी पर सुनवाई
Amarmani Tripathi: उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी से जुड़े चर्चित राहुल मद्धेशिया अपहरण मामले में सोमवार को गवाही की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। बस्ती की विशेष सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट/एमपी-एमएलए कोर्ट में कोई भी गवाह बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचा। अब मामले की अगली सुनवाई 1 सितंबर को होगी।
अदालत ने इस मामले में अमरमणि त्रिपाठी को भगोड़ा घोषित कर रखा है। उनकी संपत्ति की कुर्की की कार्रवाई भी हो चुकी है। वहीं, जिन गवाहों ने अभी तक कोर्ट में गवाही नहीं दी है, उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं। गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद गवाहों के पेश होने में तेजी आई थी और इसके बाद साक्ष्य की कार्रवाई शुरू हुई।
14 गवाहों के बयान हो चुके दर्ज
अब तक मामले में 14 गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं। इनमें तत्कालीन कोतवाल राजेंद्र सिंह, राहुल के भाई कृष्ण मुरारी मद्धेशिया, सुपुर्दगी गवाह शिवा, पूर्व सीओ अविनाश मिश्र, संजय, शमशेर बहादुर सिंह और एसटीएफ के हेड कांस्टेबल योगेंद्र सिंह शामिल हैं।
2001 में हुआ था राहुल का अपहरण
मामला 6 दिसंबर 2001 का है। बस्ती के जयपुरवा रोडवेज तिराहे के पास सुबह करीब पौने आठ बजे स्कूली छात्र राहुल मद्धेशिया का अपहरण हुआ था। बाद में लखनऊ एसटीएफ ने राहुल को अमरमणि त्रिपाठी के आवास से बरामद किया था। इसके बाद राहुल के पिता धर्मराज मद्धेशिया की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ। हालांकि अब उनकी मृत्यु हो चुकी है।
अमरमणि त्रिपाठी मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में करीब 19 साल जेल में रह चुके हैं। वह नौतनवां से कई बार विधायक और अलग-अलग सरकारों में मंत्री रहे हैं।

