‘जिस झंडे ने पहचान दी, उसे जलाना स्तरहीन’, अपर्णा यादव पर भड़के अरविंद सिंह गोप
Sandesh Wahak Digital Desk: प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भाजपा नेता और राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने शुक्रवार की रात समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का झंडा जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। अब झंडा जलाए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस पर बाराबंकी जिले के दिग्गज सपा नेता अरविंद सिंह गोप ने कड़ी निंदा व्यक्त की है।
“पूर्व नियोजित थी भाजपा की रणनीति”
पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप ने शनिवार को मीडिया से बातचीत में महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के पारित न होने के लिए सीधे तौर पर केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा “सरकार को अच्छी तरह पता था कि उनके पास दो-तिहाई बहुमत नहीं है, फिर भी बिल को केवल दिखावे के लिए पेश किया गया। बिल गिरते ही भाजपा नेताओं का तख्तियां लेकर बाहर आना साबित करता है कि यह सब पहले से तय स्क्रिप्ट थी।” गोप ने दावा किया कि भाजपा का ‘महिला विरोधी’ चेहरा अब बेनकाब हो चुका है और आगामी चुनावों में जनता इसका करारा जवाब देगी।
झंडा जलाने पर जताया कड़ा ऐतराज
अपर्णा यादव द्वारा सपा का झंडा जलाने पर अरविंद गोप ने भावुक और कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जिस झंडे ने उन्हें पहचान दी, आज उसी को जलाकर उन्होंने अपनी मर्यादा लांघी है। “लाल झंडा गरीब, किसान और नौजवानों के सम्मान का प्रतीक है। यह श्रद्धेय मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव की विरासत है। इसका अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।” उन्होंने कहा कि विरोध करना सबका अधिकार है, लेकिन प्रतीकों को जलाना स्तरहीन राजनीति है।
सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग
अरविंद सिंह गोप ने प्रशासन से मांग की है कि विधानभवन के सामने सार्वजनिक रूप से झंडा और पूर्व मुख्यमंत्री की तस्वीर जलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि समाजवादी पार्टी इस कृत्य की घोर निंदा करती है और पार्टी कार्यकर्ता इस अपमान को भूलेंगे नहीं।

