अमेरिकी चेतावनी के बाद ईरान की खुली धमकी, सैन्य ताकत दिखाने का मंच नहीं है हॉर्मुज स्ट्रेट

Sandesh Wahak Digital Desk: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी के बाद ईरान ने भी तीखे तेवर अपना लिए हैं। ईरान ने साफ कर दिया है कि हॉर्मुज स्ट्रेट किसी भी बाहरी ताकत के लिए मिलिट्री पावर दिखाने का अखाड़ा नहीं है। ईरान के वरिष्ठ राजनयिक और कानूनी व अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप-विदेश मंत्री काजम गरीबाबादी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर चेतावनी देते हुए कहा कि इस संवेदनशील और रणनीतिक समुद्री मार्ग का इस्तेमाल सैन्य प्रदर्शन के बजाय केवल क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षित नौवहन के लिए होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि हॉर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा और निगरानी की पूरी जिम्मेदारी सिर्फ ईरान और ओमान के पास है।

ब्रिटेन और फ्रांस के संयुक्त बयान को ईरान ने नकारा

ईरानी प्रशासन ने ब्रिटेन के कार्यवाहक प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के उस संयुक्त बयान को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने हॉर्मुज स्ट्रेट में नौवहन की स्वतंत्रता के लिए जरूरत पड़ने पर बहुराष्ट्रीय सैन्य मिशन तैनात करने की बात कही थी। स्टार्मर और मैक्रों ने इस रूट को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जीवन रेखा बताया था। हालांकि, ईरान ने बाहरी ताकतों के दखल को पूरी तरह नामंजूर कर दिया है।

ईरान ने कड़ा किया पहरा, मोड़े जहाजों के रुख

हालिया मैरीटाइम ट्रैकिंग डेटा और ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ओमान के तट के पास रणनीतिक मुसंदम प्रायद्वीप की ओर बढ़ रहे आठ जहाजों को वापस लौटने पर मजबूर होना पड़ा। इनमें एक क्रूड ऑयल टैंकर, दो पेट्रोलियम उत्पाद टैंकर और एक बल्क कैरियर शामिल थे, जिन्हें ईरानी अधिकारियों के निर्देश के बाद उत्तर की ओर अपनी दिशा बदलनी पड़ी।

गौरतलब है कि बीती 28 फरवरी को ईरानी क्षेत्र पर इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमलों के बाद से तेहरान ने हॉर्मुज स्ट्रेट पर अपनी सुरक्षा और निगरानी को बेहद कड़ा कर दिया है। इसके तहत अमेरिका और इजरायल से जुड़े या उनके समर्थन वाले जहाजों के आवागमन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।

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