कानपुर नगर निगम में टेंडर माफिया पर शिकंजा, 2 ठेकेदार गिरफ्तार, सरगना फरार
Kanpur News: कानपुर नगर निगम में कथित टेंडर माफिया के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख के बाद पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने नगर निगम के दो ठेकेदारों संदीप जैन और रंजन बाजपेई को गिरफ्तार किया है। वहीं, ठेकेदारों के कथित गिरोह का संचालन करने वाला गोविंद शर्मा अभी फरार है। वह आगरा का रहने वाला बताया गया है।
छह मुकदमे दर्ज, SIT करेगी जांच
पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के मुताबिक, नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय की जांच के बाद नगर निगम की ओर से पांच तहरीर दी गईं। इनके आधार पर स्वरूप नगर थाने में मुकदमे दर्ज हुए। वहीं, छठा केस फजलगंज थाने में एक ठेकेदार की शिकायत पर दर्ज कराया गया।
मामलों में दिलीप बाजपेई, अजय इंटरप्राइजेज, पारसनाथ बिल्डर्स, कैला इंटरप्राइजेज, तिरुपति ट्रेडर्स और जगदंबा इंटरप्राइजेज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। जगदंबा इंटरप्राइजेज पर दो मुकदमे हैं। जांच के लिए SIT बनाई गई है।
आरोप है कि ठेकेदारों का एक समूह दूसरे ठेकेदारों को काम में प्रवेश नहीं लेने देता था और कमीशन वसूली करता था। इससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता प्रभावित होने की बात भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क में गोविंद शर्मा की अहम भूमिका बताई जा रही है।
100 करोड़ के ठेके रद्द
कार्रवाई के तहत 15वें वित्त आयोग से जुड़े करीब 100 करोड़ रुपये के ठेके रद्द कर दिए गए हैं। अब ठेके केवल ई-टेंडरिंग से जारी और स्वीकृत होंगे। नए टेंडरों में लॉटरी व्यवस्था पूरी तरह खत्म कर दी गई है। जो निर्माण कार्य पहले से चल रहे हैं, वे जारी रहेंगे, लेकिन उनकी भी जांच होगी।
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