Bareilly News: कलेक्ट्रेट पर आत्मदाह के प्रयास में पति-पत्नी पर FIR, सतर्कता के लिए सुरक्षा कर्मियों को धनराशि देकर किया गया सम्मानित
Bareilly News: कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार के सामने अभद्र नारों वाले बैनर के साथ धरने पर बैठने और आत्मदाह की कोशिश करने वाले दंपत्ति के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। एलआईयू और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की सजगता से एक बड़ा हादसा टल गया। जिलाधिकारी अविनाश सिंह द्वारा कराई गई जांच में सामने आया है कि पूरा मामला गलत तथ्यों, फर्जी दावों और अनैतिक दबाव बनाने की साजिश पर आधारित था।

क्या है पूरा मामला
25 अगस्त को सदर तहसील के ग्राम चंदपुर बिचपुरी निवासी नरेश पाल (पुत्र तोलेराम) अपनी पत्नी गुड्डी के साथ कलेक्ट्रेट गेट के सामने चौराहे पर धरने पर बैठने पहुंचा। नरेश पाल के पास एक बैनर था, जिस पर प्रदेश के मुख्यमंत्री के प्रति अमर्यादित व असंसदीय भाषा लिखी हुई थी। ड्यूटी पर तैनात एलआईयू के उपनिरीक्षक ओमपाल सिंह, मुख्य आरक्षी अमित सिंह और होमगार्ड संदीप सिंह ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए उन्हें हटाने का प्रयास किया।
इस पर दंपति ने थैले से ज्वलनशील पदार्थ से भरी दो प्लास्टिक की केन निकालकर खुद पर छिड़कने का प्रयास किया। हालांकि, मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों ने समय रहते उन्हें दबोच लिया और ज्वलनशील पदार्थ जब्त कर लिया। इसके बाद दोनों को स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

जांच में सामने आई सच्चाई
जिलाधिकारी अविनाश सिंह द्वारा कराई गई गहन जांच में पता चला कि नरेश पाल के पास 9 जून 2026 की एक अर्जी की प्रति थी। इसमें उसने दावा किया था कि उसने विशारतगंज निवासी टीकाराम मौर्या से चंदपुर बिचपुरी में 300 वर्ग गज जमीन 6.70 लाख रुपये में तय कर 2 लाख रुपये बतौर एग्रीमेंट दिए थे।
प्राथमिक जांच में नरेश पाल का यह दावा पूरी तरह झूठा निकला।
मात्र गवाह था नरेश पाल: 27 जून 2017 को एक अपंजीकृत (unregistered) इकरारनामा शकुंतला देवी (पत्नी प्यारेलाल) और टीकाराम मौर्या के बीच हुआ था। नरेश पाल इसमें केवल एक गवाह था।
कोई सीधा लेन-देन नहीं: नरेश पाल और शकुंतला देवी के बीच कोई खून का रिश्ता भी नहीं है। 2 लाख रुपये का लेन-देन शकुंतला देवी और टीकाराम के बीच हुआ था, न कि नरेश पाल के साथ।
अदालत में लंबित है मामला: इसी मामले में शकुंतला देवी की शिकायत पर थाना इज्जतनगर में 16 मई 2019 को धोखाधड़ी (IPC 420, 406, 506) की FIR दर्ज हुई थी। पुलिस जांच पूरी कर 10 जुलाई 2020 को कोर्ट में चार्जशीट दायर कर चुकी है और मामला अदालत में विचाराधीन है।

पुलिस ने दर्ज की FIR, सतर्क जवानों को पुरस्कार
जांच से स्पष्ट हुआ कि नरेश पाल और उसकी पत्नी द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाने, भ्रामक तथ्यों के आधार पर आत्मदाह की धमकी देने और मुख्यमंत्री के लिए असंसदीय भाषा का प्रयोग करने का गैर-कानूनी कृत्य किया गया है। इस संबंध में थाना कोतवाली में नरेश पाल और उसकी पत्नी गुड्डी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
उधर, अपनी त्वरित कार्रवाई और बहादुरी से आत्मदाह का प्रयास विफल करने वाले उपनिरीक्षक ओमपाल सिंह, मुख्य आरक्षी अमित सिंह, होमगार्ड संदीप सिंह सहित कुल 8 सुरक्षाकर्मियों को जिलाधिकारी द्वारा 2,500 रुपये का नकद पुरस्कार देकर सम्मानित और पुरस्कृत किया गया।
रिपोर्ट- रंजीत बिसारिया
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