Meerut News: सेंट्रल मार्केट पर चला सुप्रीम कोर्ट का डंडा, भारी विरोध के बीच 44 संपत्तियों पर सीलिंग शुरू

Sandesh Wahak Digital Desk: वेस्ट यूपी के सबसे व्यस्त व्यापारिक केंद्रों में से एक, मेरठ के सेंट्रल मार्केट (शास्त्रीनगर) में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब आवास एवं विकास परिषद की टीम भारी पुलिस बल के साथ सीलिंग की कार्रवाई करने पहुंची। सुप्रीम कोर्ट के कड़े आदेशों के अनुपालन में की जा रही इस कार्यवाही का स्थानीय व्यापारियों ने जमकर विरोध किया, जिससे इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।

सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश

6 अप्रैल को हुई सुनवाई में न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति केवी विश्वानाथन की पीठ ने अवैध इमारतों में चल रहे स्कूल और अस्पतालों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की थी। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि यदि इन अवैध इमारतों में किसी बच्चे या मरीज के साथ कोई अनहोनी होती है, तो संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। परिषद ने कोर्ट को 44 ऐसी संपत्तियों की सूची सौंपी है, जो आवासीय भूखंडों पर व्यावसायिक रूप से संचालित हो रही हैं।

अब तक की कार्रवाई: अस्पताल और स्कूल सील

भारी विरोध और नारेबाजी के बीच, खबर लिखे जाने तक परिषद की टीम ने 8 अवैध निर्माणों को सील कर दिया है।

02 बड़े अस्पताल

02 स्कूल

04 अन्य व्यावसायिक परिसर

बाजार में वर्तमान में सीलिंग की प्रक्रिया कुछ समय के लिए रुकी हुई है, लेकिन पुलिस बल की मौजूदगी में टीम आगे की कार्रवाई की तैयारी में है।

व्यापारियों का आक्रोश: “70 करोड़ का हिसाब दो”

सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों ने आवास विकास परिषद पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। व्यापारियों का कहना है कि परिषद ने भू-उपयोग परिवर्तन (Land Use Change) के नाम पर व्यापारियों से लगभग ₹70 करोड़ वसूले हैं। व्यापारियों की मांग है कि पहले उस राशि का हिसाब दिया जाए और फिर कार्रवाई की जाए। व्यापारियों ने अधिकारियों को घेरकर जमकर नारेबाजी की और दुकानों के शटर गिराकर विरोध जताया।

किन संपत्तियों पर है खतरा?

परिषद की रडार पर वे सभी इमारतें हैं जो आवासीय नक्शे पर बैंक, स्कूल, अस्पताल, और मैरिज होम (विवाह मंडप) के रूप में चलाई जा रही हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अधिकारियों के पास अब पीछे हटने का कोई विकल्प नहीं बचा है।

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