UP में ‘फार्मर रजिस्ट्री’ की तैयारी, ग्राम पंचायतों में लगेंगे विशेष शिविर, इस दिन से पोर्टल होगा सक्रिय

Sandesh Wahak Digital Desk: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने के उद्देश्य से ‘फार्मर रजिस्ट्री’ को व्यापक स्तर पर लागू करने के निर्देश दिए। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के प्रत्येक पात्र किसान के पास अपनी एक ‘किसान पहचान पत्र’ (Farmer ID) हो, जिससे उन्हें सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश और समयसीमा

प्रत्येक ग्राम पंचायत में विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे ताकि किसान अपने गांव में ही पंजीकरण करा सकें। कृषि विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि फार्मर रजिस्ट्री का पोर्टल 1 मई 2026 तक पूर्ण रूप से क्रियाशील हो जाए। उद्यान, पशुपालन, मत्स्य और लघु सिंचाई जैसे विभागों को 31 मई 2026 तक अपनी योजनाओं को इस आईडी से जोड़ने की तैयारी पूरी करनी होगी।

फार्मर रजिस्ट्री: एक आईडी, अनेक लाभ

यह व्यवस्था कृषि क्षेत्र में एक एकीकृत लाभ वितरण प्रणाली (Integrated Benefit Distribution System) के रूप में कार्य करेगी। एक ही लाभार्थी को बार-बार लाभ मिलने की समस्या खत्म होगी और वास्तविक पात्र किसानों तक मदद पहुंचेगी। पीएम किसान सम्मान निधि और फसल बीमा जैसी योजनाओं के डेटा में यदि कोई नाम या आधार संबंधी गलती है, तो उसे शिविरों के माध्यम से तुरंत ठीक किया जाएगा। किसान पहचान पत्र के माध्यम से पात्रता का सत्यापन डिजिटल तरीके से होगा, जिससे कागजी कार्यवाही कम होगी। कृषि विभाग के साथ-साथ मत्स्य, पशुपालन और सहकारिता विभाग की योजनाओं का लाभ भी इसी एक आईडी से मिल सकेगा।

डिजिटल खेती की ओर कदम

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कृषि विभाग अपनी सभी लाभार्थीपरक योजनाओं को डिजिटल मोड में संचालित करे। आधार से लिंक होने के कारण योजनाओं का पैसा सीधे किसान के बैंक खाते (DBT) में बिना किसी बाधा के पहुंचेगा।

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