Manipur में फिर भड़की हिंसा, 28 दिन बाद 6 नागा लोगों के शव मिलने से मचा बवाल
Manipur Violence News: 28 दिनों से लापता 6 नागा लोगों के शव बरामद होने के बाद मणिपुर में तनाव बढ़ गया है। UNC ने बंद का ऐलान करते हुए सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
मणिपुर में शांति बहाली की कोशिशों के बीच एक बार फिर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। कांगपोकपी जिले में 28 दिनों से लापता छह नागा लोगों के शव बरामद होने के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया है। सुरक्षा बलों ने संयुक्त अभियान के दौरान शव बरामद किए, जबकि नागा संगठनों ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
घटना के विरोध में यूनाइटेड नागा काउंसिल (UNC) ने नागा बहुल क्षेत्रों में 24 घंटे के बंद का ऐलान किया है। संगठन का आरोप है कि अपहरण के बाद इन लोगों की हत्या की गई और प्रशासन उन्हें बचाने में नाकाम रहा। शव मिलने के बाद से इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और हालात पर नजर रखी जा रही है।
15 टीमों ने चलाया सर्च ऑपरेशन, 28 दिन बाद मिला सुराग
Manipur पुलिस के डीजीपी मुकेश सिंह के मुताबिक, मणिपुर पुलिस, असम राइफल्स और सीआरपीएफ की करीब 15 टीमों ने लगातार 24 घंटे तक सघन Search Operation चलाया। अभियान के दौरान छह शव बरामद किए गए, जिनके बारे में माना जा रहा है कि ये वही लोग हैं जिन्हें 13 मई को लीलोन वैफेई गांव से अगवा किया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि शवों की पहचान और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। हालांकि घटना ने एक बार फिर Manipur Violence को लेकर नई बहस छेड़ दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अपहृत लोगों को समय रहते तलाश लिया जाता तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी।
UNC ने इस मामले में मणिपुर की डिप्टी सीएम नेमचा किपगेन को हटाने की मांग भी उठाई है। संगठन का आरोप है कि कुकी उग्रवादी गुटों के खिलाफ सरकार का रवैया नरम रहा है, जिसकी वजह से ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं।
शव लेने से इनकार, SoO समझौते खत्म करने की मांग
यूनाइटेड नागा काउंसिल ने दावा किया है कि बरामद शव बेहद खराब हालत में मिले हैं। संगठन ने कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे शव स्वीकार नहीं करेंगे।
UNC ने केंद्र और राज्य सरकार से सभी कुकी उग्रवादी संगठनों के साथ हुए Suspension of Operations (SoO) समझौतों को तत्काल रद्द करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि इस घटना ने नागा समुदाय की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दरअसल, 13 मई को कांगपोकपी जिले में हुए एक हमले के बाद दो पादरियों समेत छह नागा लोगों का अपहरण कर लिया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक उस दौरान नागा और कुकी समुदाय के कुल 44 लोगों को बंधक बनाया गया था। बाद में कुछ लोगों को रिहा कर दिया गया, लेकिन छह नागा लोगों का कोई सुराग नहीं मिला था। अब उनके शव मिलने के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
इस बीच मेघालय के मुख्यमंत्री Conrad Sangma ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि Manipur की हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने सभी पक्षों से शांति और संवाद का रास्ता अपनाने की अपील की है।
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