नहीं सुधरी तकनीकी खामी तो टीम इंडिया को ऐसे ही हरवाते रहेंगे रवि बिश्नोई!
Sports News: मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में भारतीय टीम को इंग्लैंड के हाथों 4 विकेट से हार झेलनी पड़ी।
इस मैच में कप्तान हैरी ब्रूक की अगुवाई वाली इंग्लिश टीम ने दबाव के क्षणों में बेहतर खेल दिखाया, जबकि भारतीय स्पिनर रवि बिश्नोई की गेंदबाजी टीम इंडिया के लिए बड़ी चिंता बनकर सामने आई।
इंग्लैंड को अंतिम 24 गेंदों में 49 रनों की जरूरत थी और मुकाबला भारत के पक्ष में जाता दिख रहा था। तभी 17वां ओवर डालने आए बिश्नोई ने लगातार गलतियां कर दीं।
उनकी पहली ही गेंद को टीवी अंपायर ने ‘साइड नो-बॉल’ करार दिया, क्योंकि उनका पिछला पैर रिटर्न क्रीज की लाइन से बाहर निकल गया था।
इस नो-बॉल पर मिली फ्री-हिट को जैकब बेथेल ने छक्के में बदल दिया।

लगातार दो साइड नो-बॉल
पहली गलती से उबरने से पहले ही बिश्नोई ने अगली गेंद पर वही चूक दोहरा दी। दूसरी बार भी पिछला पैर लाइन पार कर गया और अंपायर ने फिर साइड नो-बॉल दे दी।
इस फ्री-हिट पर भी बेथेल ने छक्का जड़ दिया। इन दो गेंदों ने इंग्लैंड से सारा दबाव हटा दिया और जीत की राह आसान हो गई।
क्या होती है साइड नो-बॉल?
आमतौर पर फैंस फ्रंट-फुट नो-बॉल से परिचित होते हैं, लेकिन साइड नो-बॉल पिछला पैर रिटर्न क्रीज की साइड लाइन से बाहर जाने पर दी जाती है।
गेंदबाजी के समय पिछला पैर पूरी तरह क्रीज के अंदर होना जरूरी होता है। इस तरह की गलती बहुत कम देखने को मिलती है।
बिश्नोई ने अपने 4 ओवर में बिना विकेट लिए 60 रन लुटाए और एक ही मैच में तीन साइड नो-बॉल फेंकी। इससे साफ है कि उनके रन-अप या एक्शन में तकनीकी दिक्कत है।
अगर जल्द सुधार नहीं हुआ, तो ऐसी गलतियां आगे भी टीम इंडिया को भारी पड़ सकती हैं।

