उफान पर सरयू नदी, गंगा का पानी कानपुर के 5 गांव में घुसा, प्रयागराज में बेलन-टोंस ने बढ़ाई टेंशन
UP Flood Update: उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ते नदी के जलस्तर से गोरखपुर, कानपुर और प्रयागराज में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। गोरखपुर के बड़हलगंज में सरयू नदी (Saryu River) खतरे के निशान से 72 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। दक्षिणांचल के करीब 20 गांव प्रभावित हैं और कई संपर्क मार्गों पर पानी पहुंच चुका है।
बड़हलगंज में लेटाघाट का प्लेटफार्म और मुक्तिपथ के सभी 40 प्लेटफार्म पानी में डूब गए हैं। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक तुर्तीपार में सरयू का जलस्तर बुधवार सुबह 64.670 मीटर से बढ़कर गुरुवार को 64.730 मीटर हो गया। पिछले 24 घंटे में 6 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। जैतपुर, ज्ञानकोल, गोनघट, बगहा देवार, बलथर और खैराटी समेत दर्जनों गांव बाढ़ से घिरे हैं। वहीं बर्डघाट में राप्ती नदी का जलस्तर 16 घंटे में 50 सेंटीमीटर घटा है।
कानपुर के 5 गांवों में घुसा गंगा का पानी
कानपुर में गंगा (Ganga River) का जलस्तर बढ़ने से कटरी के पांच गांवों में पानी घुस गया है। भगवानदीनपुरवा, भोपालपुरवा, बनियापुरवा, दुर्गापुर गिल्लीपुरवा और डल्लपुरवा की गलियों में पानी भर गया है। आवागमन के लिए चार नाव और दो ट्रैक्टर लगाए गए हैं। फिलहाल इन गांवों के घरों के अंदर पानी नहीं पहुंचा है।
गंगा बैराज में जलस्तर 24 घंटे में 15 सेंटीमीटर बढ़कर 114.630 मीटर पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 115 मीटर है। शुक्लागंज में भी नदी चेतावनी बिंदु 113 मीटर पार कर 113.020 मीटर पर पहुंच गई। हरिद्वार से 81,514 और नरौरा से 1.05 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
रामेल नगर, प्रतापपुर हरि, चिरान, ईश्वरीगंज, हृदयपुर, पिपरिया और शिवदिनपुरवा समेत अन्य गांवों के किनारे भी पानी पहुंच गया है। ग्रामीण बैराज हाईवे के पास सुरक्षित ठिकानों की तैयारी कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने आशा बहुओं को भी अलर्ट किया है।
प्रयागराज में बेलन-टोंस के बढ़ते पानी से चिंता
कानपुर में बाढ़ (UP Flood) का पानी भैरोघाट तक पहुंच गया है। वहीं बनियापुरवा स्थित निर्माणाधीन 15 MLD सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) में भी पानी घुसने से आवागमन बंद हो गया है।
प्रयागराज में गंगा-यमुना (Ganga-Yamuna) के जलस्तर के बीच अब बेलन नदी के बढ़ते प्रवाह ने चिंता बढ़ाई है। बैराज से बेलन में चरणबद्ध तरीके से करीब 90 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसके टोंस में पहुंचने के बाद छतनाग के आगे गंगा का प्रवाह प्रभावित हो सकता है और नैनी में घट रहा यमुना का जलस्तर फिर बढ़ने की आशंका है।
फाफामऊ में गंगा रात आठ बजे 82 मीटर के स्तर से महज 5 सेंटीमीटर नीचे थी। कानपुर बैराज से गुरुवार को 3.90 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि बुधवार को भी करीब 4 लाख क्यूसेक छोड़ा गया था। ऐसे में आने वाले घंटों में प्रयागराज में गंगा-यमुना पर दबाव बढ़ सकता है। प्रशासन और सिंचाई विभाग लगातार बाढ़ (UP Flood) के खतरे की निगरानी कर रही हैं।
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