टोरंटो में भारतीय युवती हिमांशी खुराना की हत्या, कनाडा में संदिग्ध के खिलाफ वारंट जारी
Sandesh Wahak Digital Desk: कनाडा के टोरंटो शहर में एक 30 वर्षीय भारतीय नागरिक हिमांशी खुराना की हत्या का मामला सामने आया है। इस घटना ने विदेश में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। टोरंटो स्थित भारतीय दूतावास ने इस वारदात पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर साझा किए गए एक भावुक संदेश में भारतीय दूतावास ने कहा, हम टोरंटो में अपनी नागरिक हिमांशी खुराना की हत्या से बेहद दुखी और हैरान हैं। दुख की इस घड़ी में हमारी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं। दूतावास ने स्पष्ट किया कि वे स्थानीय पुलिस के साथ लगातार संपर्क में हैं और जांच पर पैनी नजर रखे हुए हैं।
टोरंटो पुलिस के मुताबिक, यह मामला घरेलू हिंसा से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है। घटनाक्रम की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि 19 दिसंबर देर रात पुलिस को हिमांशी के लापता होने की सूचना मिली। इसके अगले दिन पुलिस ने तलाशी के दौरान हिमांशी का शव स्ट्रैचन एवेन्यू और वेलिंगटन स्ट्रीट वेस्ट इलाके के एक घर के अंदर बरामद किया। जांचकर्ताओं ने इसे सोची-समझी हत्या (फर्स्ट-डिग्री मर्डर) माना है।
We are deeply saddened and shocked by the murder of Ms. Himanshi Khurana, a young Indian national, in Toronto. We extend our deepest condolences to her bereaved family during this moment of profound grief. The Consulate has been in close touch with the matter over the past few…
— IndiainToronto (@IndiainToronto) December 23, 2025
संदिग्ध अब्दुल गफूरी की तलाश तेज
पुलिस इस मामले में 32 वर्षीय अब्दुल गफूरी की तलाश कर रही है, जो टोरंटो का ही रहने वाला है। बताया जा रहा है कि पीड़िता और संदिग्ध एक-दूसरे को पहले से जानते थे। गफूरी के खिलाफ पूरे कनाडा में गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया गया है। कनाडा के कानून के अनुसार, फर्स्ट-डिग्री मर्डर का दोष सिद्ध होने पर बिना पैरोल के आजीवन कारावास की सजा हो सकती है।
परिवार के साथ खड़ा है भारत
भारतीय दूतावास ने कहा है कि हिमांशी के पार्थिव शरीर को भारत लाने और कानूनी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए वे स्थानीय अधिकारियों और परिवार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इस घटना के बाद कनाडा में रह रहे भारतीय छात्रों और पेशेवरों के बीच काफी गम और गुस्सा देखा जा रहा है।

