ईरान-इजराइल जंग के कारण क्रिकेट बॉल की हुई कमी, नए सीजन के लिए बढ़ी मुसीबत
Recover your password.
A password will be e-mailed to you.
Trending
Sandesh Wahak Digital Desk: ईरान और इजराइल के बीच जारी जंग का असर अब खेल जगत में भी दिखने लगा है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, समुद्री और हवाई मार्गों में रुकावटों के कारण वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है।
इसी कड़ी में इंग्लैंड के घरेलू क्रिकेट सीजन पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं, जहां क्रिकेट गेंदों की कमी की खबर सामने आई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 3 अप्रैल से शुरू होने वाली काउंटी चैंपियनशिप से पहले इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) को गेंदों की सप्लाई को लेकर चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
काउंटी चैंपियनशिप में 18 टीमें हिस्सा लेती हैं और मुकाबलों में पारंपरिक ड्यूक्स गेंदों का इस्तेमाल किया जाता है।

ड्यूक्स गेंदों का निर्माण इंग्लैंड की प्रसिद्ध कंपनी ड्यूक्स करती है, लेकिन इन गेंदों की हैंड स्टिचिंग दक्षिण एशिया, खासकर भारत में होती है।
रिपोर्ट के अनुसार, हर साल काउंटी सीजन के लिए 4,000 से 5,000 गेंदों की जरूरत पड़ती है। मौजूदा हालात में हवाई सेवाएं बाधित होने से गेंदों की समय पर आपूर्ति मुश्किल हो गई है।
ड्यूक्स के मालिक दिलीप जजोडिया ने बताया कि गेंदें तैयार हैं, लेकिन एयरलाइंस की सीमाओं के कारण उन्हें इंग्लैंड लाना चुनौती बन गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि आयात लागत 5 पाउंड प्रति किलो से बढ़कर 15 पाउंड तक पहुंच गई है और फिलहाल कंपनी सिर्फ 50 प्रतिशत गेंदें ही उपलब्ध करा पा रही है।
हालांकि, ECB ने गेंदों की कमी से इनकार किया है। बोर्ड का कहना है कि उसने पहले से ही पर्याप्त मात्रा में गेंदों की खरीद कर ली थी और सभी काउंटी क्लबों को जरूरी सप्लाई दी जा चुकी है।
ECB के मुताबिक, काउंटी चैंपियनशिप या घरेलू टेस्ट सीजन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
गौरतलब है कि इंग्लैंड का घरेलू टेस्ट सीजन 4 जून से शुरू होना है, जिसकी शुरुआत इंग्लैंड–न्यूजीलैंड सीरीज से होगी।
ऐसे में फिलहाल बोर्ड ने राहत की बात कही है, लेकिन वैश्विक हालात अगर लंबे समय तक ऐसे ही बने रहे तो आगे और चुनौतियां सामने आ सकती हैं।
Also Read: PSL खेलने पर संकट, बांग्लादेशी खिलाड़ियों का भविष्य अब सरकार के हाथ
Get real time updates directly on you device, subscribe now.