Siddharthnagar News: कलश यात्रा की खुशियां मातम में बदलीं, नदी में डूबने से दो युवकों की मौत

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद में शुक्रवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। भवानीगंज थाना क्षेत्र के भड़रिया गांव में आयोजित धार्मिक अनुष्ठान की कलश यात्रा उस समय मातम में बदल गई, जब राप्ती नदी में जल भरने के दौरान दो युवकों की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

भक्ति के माहौल में अचानक चीख-पुकार

जानकारी के अनुसार, भड़रिया बाजार स्थित मां सिद्धेश्वरी देवी शक्ति पीठ मंदिर पर ‘मां दुर्गा प्राण प्रतिष्ठा’ और ‘संगीतमय श्रीराम कथा’ का भव्य आयोजन होना था। नवयुवक रामलीला समिति द्वारा इसके लिए विशाल कलश यात्रा निकाली गई थी। गाजे-बाजे के साथ यात्रा सुवानाला स्थित राप्ती नदी के तट पर जल भरने पहुंची थी।

गहरे पानी में जाने से हुआ हादसा

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कलश यात्रा में शामिल विकास (22 वर्ष) पुत्र कन्हैया और शिवम (17 वर्ष) पुत्र लल्लू यादव जल भरने के लिए नदी में उतरे थे। इसी दौरान दोनों अचानक गहरे पानी की चपेट में आ गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की और शोर मचाया, लेकिन जब तक उन्हें पानी से बाहर निकाला गया, तब तक दोनों की सांसें थम चुकी थीं।

बिना पोस्टमार्टम के परिजनों को सौंपे गए शव

हादसे की सूचना मिलते ही थाना अध्यक्ष भवानीगंज बृजेश सिंह और नायब तहसीलदार डुमरियागंज विष्णु प्रसाद सिंह दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। परिजनों ने युवकों का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद गांव के संभ्रांत व्यक्तियों की उपस्थिति में पंचनामा की विधिक कार्रवाई पूरी कर शवों को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

सुरक्षा पर उठे सवाल

इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर नदी किनारे होने वाले बड़े धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर घाट पर गोताखोर या बैरिकेडिंग की व्यवस्था होती, तो शायद इन दो होनहार युवाओं की जान बच सकती थी।

रिपोर्ट: जाकिर खान

 

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