जौहर यूनिवर्सिटी पर दोहरी मार, RDA के बाद फायर विभाग का अंतिम नोटिस, दिया 7 दिन का अल्टीमेटम

Mohammad Ali Jauhar University: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान के मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पर प्रशासनिक कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। एक ओर रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) विश्वविद्यालय के भवनों को ध्वस्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है, वहीं अब दमकल विभाग (फायर विभाग) ने भी अग्नि सुरक्षा मानकों में गंभीर खामियां मिलने पर विश्वविद्यालय प्रबंधन को अंतिम नोटिस जारी कर दिया है।

फायर विभाग ने प्रबंधन को सात दिन के भीतर जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने और नोटिस का जवाब देने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि तय समय में जवाब नहीं मिलने पर कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

ऑडिट में मिलीं कई गंभीर खामियां

मुख्य अग्निशमन अधिकारी के निर्देश पर 29 जून और 1 जुलाई को विश्वविद्यालय परिसर का संयुक्त अग्नि सुरक्षा ऑडिट और भौतिक निरीक्षण किया गया था। जांच में कई भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया गया।

इसके बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन को कमियां दूर करने और जरूरी अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए नोटिस जारी किया गया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई जवाब नहीं मिला। इसी के बाद विभाग ने अब अंतिम नोटिस जारी किया है।

22 भवनों में नियमों का नहीं मिला पालन

फायर ऑडिट के दौरान विश्वविद्यालय परिसर के 22 प्रमुख भवनों की जांच की गई। इनमें फार्मेसी, इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ, साइंस, एग्रीकल्चर, बीएड, प्रशासनिक भवन, लाइब्रेरी, ऑडिटोरियम, छात्र-छात्राओं के हॉस्टल और आवासीय भवन शामिल थे।

जांच में सामने आया कि अधिकांश भवनों में आईएस-2190:2010 और उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपात सेवा अधिनियम-2022 व नियमावली-2024 के अनुरूप अग्नि सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। कई जगह पर्याप्त अग्निशामक यंत्र नहीं मिले, जबकि आपातकालीन निकास, सीढ़ियों की चौड़ाई और अन्य सुरक्षा इंतजाम भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। आवासीय भवनों में अग्निशमन व्यवस्था लगभग नदारद मिली, जबकि ऑडिटोरियम की होजरील प्रणाली भी बंद पाई गई।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी विजय कुमार सिंह ने बताया कि यदि सात दिन के भीतर नोटिस का जवाब नहीं मिला तो विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।

RDA ने भी 38 भवनों के ध्वस्तीकरण का नोटिस कराया तामील

इसी बीच रामपुर विकास प्राधिकरण ने भी विश्वविद्यालय परिसर के 38 भवनों को लेकर ध्वस्तीकरण आदेश का नोटिस तामील करा दिया है। आरडीए की टीम ने परिसर पहुंचकर प्रबंधन को नोटिस सौंपा, जिसमें 15 दिन के भीतर भवन स्वयं हटाने या फिर प्राधिकरण द्वारा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी गई है।

इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई नेताओं ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।

Also Read: Gonda: पंचायत व्यवस्था हुई बेपटरी, शौचालय से RRC तक मिली खामियां, 11 अधिकारियों पर कार्रवाई

Get real time updates directly on you device, subscribe now.